कादरचौक (बदायूं)। कोरोना माहमारी के दौर में कई मिसालें भी सामने आ रही हैं। कादरचौक थाने में तैनात एक सिपाही ने अपनी शादी केवल इसलिए टाल दी कि वह अपनी ड्यूटी को अंजाम दे सके। सिपाही सुनील चौधरी मूलरूप से मथुरा जिले के नयाबांस बाजना के निवासी हैं। सिपाही की शादी राजस्थान के कोटा जिले से तय हुई है। एक मई को उनकी बरात जानी है। रिश्तेदार काफी प्रयास कर रहे हैं कि वह किसी तरह घर आ जाए और दो-चार बराती ले जाकर शादी करा दें लेकिन सिपाही ने इस माहमारी में शादी टालना ही उचित समझा। सुनील चौधरी कहते हैं कि जो माहमारी इस समय चल रही है, वह हर समय नहीं रहने वाली। इस समय लोगों को पुलिस की सख्त जरूरत है। ऐसे समय पर उन्हें छोड़कर जाना अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़ने जैसा है। शादी तो वह कुछ दिन बाद कर लेंगे। उन्होंने घर वालों से अभी शादी करने से साफ मना कर दिया है।
लॉकडाउन के बाद मिलूंगी अपने एक साल के बेटे से
कादरचौक (बदायूं)। लॉकडाउन में जहां कादरचौक थाने में तैनात एक सिपाही ने अपनी शादी टाल दी तो वहीं एक महिला सिपाही अपने कलेजे के टुकड़े से दूर हैं। उसका दूध पीता एक साल का बच्चा घर में है। महिला सिपाही शालू यादव मूलरूप से प्रतापगढ़ जिले की रहने वालीं हैं। उनके पति रंजीत कुमार सेना में हैं। इस समय उनकी ड्यूटी राजस्थान के बॉर्डर पर है। उन्हें अपने बच्चे को देखने की काफी इच्छा होती है। जब मन करता है तो वह वीडियो कॉलिंग के द्वारा बच्चे को देख लेती हैं। उन्हें गर्व होता है, जब वह चौराहे पर जाकर ड्यूटी करती हैं। लोगों की मदद करती हैं। दूसरे लोगों की परेशानी देखकर उन्हें अपनी परेशानी याद नहीं आती। कहती हैं कि बच्चा अभी अपनी दादी के पास है। उसकी याद तो बहुत आती है लेकिन ड्यूटी का फर्ज भी निभाना है।