बदायूं। अब तक जिले में कोरोना संक्रमण के 13 मामले सामने आ चुके हैं। मंगलवार को सात लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई। अभी 99 लोगों की जांच रिपोर्ट आना बाकी है।
सहसवान में छह अप्रैल को मुंबई के बडाला निवासी युवक कोरोना संक्रमित निकला था। तभी शक हो गया था कि जिले में कोरोना संक्रमण के केस और निकलेंगे। उसके बाद लगातार सैंपल भेजे गए। सात अप्रैल को 11 सैंपल भेजे गए, जिनमें आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले का एक युवक 10 अप्रैल को कोरोना संक्रमित निकला। 11 अप्रैल को 10 सैंपल भेजे गए। उसकी रिपोर्ट 14 अप्रैल को आई, जिनमें एक जालंधरी सराय और दूसरा सहसवान के भवानीपुर खल्ली निवासी कोरोना पॉजिटिव निकला। इसके दूसरे दिन 15 अप्रैल को 21 सैंपल भेजे गए, जिनकी रिपोर्ट 18 अप्रैल को आई। इसमें मथुरिया चौक निवासी 10 वर्षीय बालक और उसकी मां संक्रमित निकली। तो वहीं एक नेपाल का व्यक्ति संक्रमित निकला। सैंपल लेने और भेजने का सिलसिला रुका नहीं था। जब इन संक्रमित लोगों की हिस्ट्री खंगाली गई तो 16 अप्रैल को 34 लोगों के सैंपल भेजे गए। इसकी जांच रिपोर्ट 19 अप्रैल को आई, जिसने सारे रिकॉर्ड ही तोड़ दिए। उसमें पांच लोग संक्रमित निकले। उसके बाद 18 अप्रैल तक 91 सैंपल भेजे गए। जिनमें 19 अप्रैल की शाम तक 54 रिपोर्ट निगेटिव आ गई। वहीं 19 को 26, 20 को 16 और 21 को 27 सैपल और भेजे गए हैं। अब कुल 99 सैंपल की जांच रिपोर्ट आना बाकी है।
300 आरडीटी किट में 90 का कोराना जांच में प्रयोग
कोरोना संदिग्धों की जांच के लिए मिलीं 300 रैपिड डेमनोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) किट मिलीं हैं, जिनमें स्वास्थ्य विभाग ने अभी 90 का ही इस्तेमाल किया है। दरअसल, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग कोई गलती करना नहीं चाहता। ऐसे में कोरोना संदिग्धों के सैंपल की जांच प्रयोगशाला में ही कराने पर जोर दिया जा रहा है। कोटा से लौटे छात्रों की कोरोना की प्रारंभिक जांच आरडीटी किट से की गई थी। किसी में कोई लक्षण नहीं मिले थे। दरअसल, किट से जांच को ज्यादा भरोसेमंद नहीं माना जा रहा। ऐसे में संदिग्धों के सेंपल लैब ही भेजने पर जोर दिया जा रहा है।
अभी आरवीआरआई में नहीं गए सैंपल
अब तक कोरोना संक्रमण के सैंपल की जांच अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में हो रही है। उसके बाद अधिकतर सैंपल लखनऊ भेजे गए। कई दिन से योजना बन रही थी कि आरवीआरआई बरेली में सैंपल भेजे जाएंगे, जिससे स्वास्थ्य विभाग को जल्द रिपोर्ट मिल सकेगी, लेकिन अभी आरवीआरआई में सैंपल जांच को नहीं भेजे जा रहे हैं।