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मेडिकल कॉलेज में टूनेट मशीन से होगी कोरोना संदिग्धों की जांच

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बदायूं। यदि सब कुछ ठीक रहा तो राजकीय मेडिकल कॉलेज में कोरोना की जांच के लिए टूनेट मशीन की व्यवस्था हो जाएगी। शासन ने इस संबंध में मेडिकल कॉलेज प्रशासन से जानकारी मांगी थी। कॉलेज प्रशासन ने जगह समेत अन्य मानकों की उपलब्धता के संबंध में अपनी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। यदि मेडिकल कॉलेज में यह मशीन लग जाती है तो निगेटिव आने वाले मरीजों का तुरंत पता चल सकेगा और उन्हें तत्काल छुट्टी दे दी जाएगी। यह मशीन कोरोना की जांच तुरंत कर लेगी।
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कोविड-19 को लेकर सरकार बेहद चिंतित हैं। कोरोना संदिग्धों की तेजी से जांच हो सके, इस दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। इसी के तहत राजकीय मेडिकल कॉलेज में लेवल - 3 लैब बनाए जाने पर विचार किया था। इसका प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है। अब सरकार ने कोरोना की जांच टूनेट मशीन से कराना तय किया है। बदायूं जिले के स्वास्थ्य विभाग के लिए ये अच्छी खबर होगी। शासन द्वारा इसके लिए भेजे गए पत्र में मशीन स्थापित करने के लिए जगह समेत अन्य आवश्यक बिंदुओं पर जानकारी मांगी गई। पत्र आने के बाद प्राचार्य ने कॉलेज स्टाफ के साथ बैठक कर शासन के पत्र के बारे में चर्चा की है। कॉलेज में जगह व अन्य मानकों की उपलब्धता के संबंध में रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी गइ है।
यह होती है टूनेट मशीन
टूनेट मशीन से कोरोना संक्रमित के सैंपल की रैपिड यानी तत्काल जांच होती है। इससे आधे घंटे में चार सैंपलों की जांच हो जाती है। एक दिन में लगभग 30 से 35 मरीजों की जांच हो सकती है। अभी जिले में कोरोना की जांच नहीं हो रही है। इससे सैंपल रिपोर्ट आने में दो से तीन दिन का समय लग जाता है। इस मशीन से जांच के बाद जो लोग निगेटिव आएंगे, उन्हें तुरंत अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी। वहीं, पाजिटिव आने वाले मरीजों के सैंपलों की फाइनल जांच कराई जाएगी। इसका फायदा यह रहेगा कि जो लोग निगेटिव रहेंगे, उनका पता उसी दिन चल जाएगा। इससे अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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निगेटिव लोगों की जांच का बोझ होगा कम
भले ही टूनेट मशीन से जांच के बाद पॉजिटिव आने वालों को फाइनल जांच कराने के लिए भेजा जाएगा लेकिन जो लोग इसकी जांच में निगेटिव आएंगे, उन्हें तुरंत छुट्टी दी जा सकेगी। यानी फाइनल जांच करने वाली जगह पर टूनेट मशीन की जांच में निगेटिव निकले लोगों की दोबारा जांच का बोझ कम हो जाएगा।
शासन से पत्र आया था। इसमें टूनेट मशीन स्थापित करने के संबंध में जगह आदि सुविधाओं की उपलब्धता के विषय में जानकारी मांगी गई है। इसे लेकर स्टाफ के साथ कॉलेज का निरीक्षण किया गया। साथ ही जगह निश्चित की गई है। इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट बनाकर शासन को भेज दी गई है। आगे की कार्रवाई शासन स्तर से की जाएगी। - डॉ. आरपी सिंह, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज
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