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कोविड अस्पताल की मरम्मत जल्द, मरीजों को मिलेगी बेहतर सुविधा

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उझानी (बदायूं)। कोविड लेवल-वन का उझानी अस्पताल के वार्ड जल्द ही चकाचक होंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने अस्थायी रूप से अस्पताल में कोरोना संक्रमितों को भर्ती किए जाने पर रोक लगाकर ऐसी सुविधाएं मुहैया कराने का निर्णय लिया है, जो मरीजों के लिए लाभप्रद होंगी। वार्डों में उन्हें अच्छे बेड, बेहतर सफाई और स्वच्छ पेयजल मुहैया होगा। टॉयलेट से लेकर बाथरूम तक साफ मिलेगा। व्यवस्थाएं दुरुस्त होने के बाद कोरोना संक्रमित नए मरीजों को भर्ती किया जाएगा।
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मई महीना में सीएचसी को कोविड अस्पताल के रूप में तब तब्दील किया गया जब देश और प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीज सामने आने लगे। शुरू में 30 बेड की सुविधा दी गई, लेकिन संक्रमितों की संख्या में इजाफा होने के बाद इसमें 10 बेड की वृद्धि कर दी गई। लेवल-वन के इस अस्पताल में अंतिम बार शनिवार को तीन मरीज डिस्चार्ज किए गए। अब तक करीब दो सौ संक्रमित यहां भर्ती होने के बाद जिंदगी की जंग जीत कर घर लौट चुके हैं। इनमें बरेली और बदायूं जिले के महिलाएं भी शामिल हैं। बताते हैं कि कोविड अस्पताल में शुरू में तो संक्रमितों के अनुरूप व्यवस्थाएं और सुविधाएं रहीं, लेकिन पिछले महीना से मरीजों की दिक्कतें उनके रिश्तेदारों और परिचितों के जरिये अस्पताल से बाहर आई तो स्वास्थ्य विभाग की पोल खुल गई। पेयजल की दिक्कत, टॉयलेट और बाथरूम में गंदगी, बेड पर गद्दों समेत चादरों का अभाव ही नहीं बल्कि बिजली ने भी संक्रमितों के परेशानी में डाले रखा। भोजन व्यवस्था को लेकर तो संक्रमितों ने अफसरों तक को शिकायतें भेजनी शुरू कर दी थीं। इसके बाद डीएम कुमार प्रशांत ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से बात कर जिले के लेवल-वन के संक्रमितों को बदायूं के आसरा आवासों में भर्ती करने का निर्णय लिया। ऐसा करके स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल परिसर में मरम्मत कराने का रास्ता साफ कर लिया। अस्पताल में चकाचक सुविधाएं होने के बाद ही कोरोना संक्रमितों को फिर से भर्ती किया जाएगा।
कोरोना के साथ सिस्टम से भी जंग लड़े संक्रमित
उझानी कोविड लेवल-वन के अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमितों की जुबां से दर्द भरी दास्तां उनके रिश्तेदारों और परिचितों के जरिए अफसरों तक पहुंची तो खामियां सभी को पता लग गईं। अफसर बार-बार गेट तक पहुंचे और वीडियो कॉल के जरिये संक्रमितों से भी बात कर हकीकत का पता लगाया। इस अस्पताल से स्वस्थ होकर घर लौट चुके लोगों में से कुछेक का तो यहां तक कहना है कि कोरोना से जंग लड़ने के लिए उनका हौसला और उनके अपनों की हौसला आफजाई काफ रही, लेकिन सिस्टोम से लड़ाई में उन्हें तमाम तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई बार जेनरेटर नहीं चला तो गर्मी ने परेशान किया तो कभी स्वच्छ पेयजल और अच्छे भोजन के लिए मन मसोसना पड़ा।
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कोविड अस्पताल पहले होगा सैनिटाइज फिर अफसर परखेंगे हकीकत
उझानी कोरोना संक्रमित मरीजों को फिर से अस्पताल में भर्ती किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले कोरोना संक्रमण की गाइडलाइन के अनुरूप मुआयना होगा। तीन दिन के लिए अस्पताल के उस परिसर में लोगों समेत स्वास्थ्य कर्मियों की आवाजाही पर रोक है जिसके वार्डों में कोरोना संक्रमित भर्ती रखे गए थे। चौथे दिन अस्पताल परिसर को सैनिटाइज किया जाएगा। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग समेत प्रशासनिक अफसर पूरे परिसर का निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के दौरान जो खामियां और मिलेंगीं, उन्हें भी दुरुस्त कराया जाएगा।
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