बदायूं। लॉकडाउन के चलते शहर कस्बों के बाजार बंद हैं। सहालग में कारोबार चलाने के लिए कुछ दुकानदारों ने कमीशन का खेल शुरू कर दिया है। कुछ दुकानदार ग्राहक लाने के बदले बिचौलियों को 15 प्रतिशत तक कमीशन दे रहे हैं।
जिला ऑरेंज जाने में होने की वजह से किराना, खेती और निर्माण से जुड़ी दुकानों, बिजली उपकरण, मेडिकल स्टोर समेत जरूरी सामान की दुकानें खोलने की छूट दी गई है। मगर गैर जरूरी सामान जूते-चप्पल, कपड़े, गारमेंटस आदि की दुकानें बंद हैं। शादियों का सीजन है। शहर और कस्बों में शादियां भले न हों, लेकिन गांवों में पहले से तय हो चुके रिश्ते वाले शादियां कर रहे हैं। ऐसे आयोजन में संख्या कम रहती है, लेकिन चढ़ावे का सामान तो जरूर चाहिए। दुकान बंद है तो जरूरतमंद अपने संपर्क वालों के पास जा रहे हैं। जान पहचान वाले खरीदारी कराने के बदले दुकानदार से कमीशन ले रहे है। लॉकडाउन के शुरू मेें तो कमीशनखोरी का खेल कम था, लेकिन ग्राहकी बढ़ी तो दुकानदारों ने ग्राहक पहुंचाने वाले को कुल ब्रिकी पर 10 के बजाय 15 प्रतिशत कमीशन देनी शुरू कर दी है। ऐसे में जो ज्यादा ग्राहक पहुंचाता है, वो अधिक कमीशन पा लेता है। बता दें कि कई कारोबारी तो दुकान से सामान निकालकर घर ले जाते हैं, कुछ नौकर को दुकान के अंदर बैठाकर बाहर से शटर गिरा देते हैं। सामान का पर्चा अंदर पहुंचने के बाद नौकर पैकिंग करके सामान दे देता है।
होटल मालिक बना सब्जी विक्रेता, घर पहुंच रहे समोसे-खस्ता
लॉकडाउन में न तो होटल खुल रहे और न ही चाट-पकौड़ी के ठेले लग रहें हैं। इससे छोटे-मोटे दुकानदारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पिछले दिनों एक होटल मालिक गलीे मोहल्लों में ठेले पर सब्जी बेचते नजर आया। परिचित लोगों ने पूछा तो बताया कि होटल तो खुलने से रहा, लेकिन पेट भरने के लिए कुछ तो करना पड़ेगा। इसी तरह नगर के प्रमुख ईटिंग प्वाइंट पर ठेले लगाने वाले लोग अब लोगों के घरों तक समोसे, खस्ता और गोल गप्पे पहुंचा रहे हैं।