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दिल्ली निजामुद्दीन से लौटे कादरचौक-जरीफनगर के चार लोग मिले, सभी क्वारंटीन किए गए

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बदायूं। दिल्ली के निजामुद्दीन से लौटे तीन लोग कादरचौक और एक व्यक्ति जरीफनगर इलाके में रह रहा था। सर्विलांस के जरिए इसका खुलासा हुआ तो कादरचौक पुलिस ने चारो लोगों को खोज लिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चारो को घर में क्वारंटीन करने के साथ ब्लड सैंपल लेकर जांच को भेजे गए हैं। इनमें कादरचौक के रमजानपुर निवासी दो लोग निजामुद्दीन मरकज के आसपास ठेला लगाकर फल बेचते हैं। तीसरा व्यक्ति कादरचौक के ही लखूपुरा गांव का हैं, जो दिल्ली में रंगाई पुताई का काम करता है। हालांकि ये तीनों लॉकडाउन से पहले अपने घर लौट थे। चौथा व्यक्ति जरीफनगर इलाके का है, जो दिल्ली में निजामुद्दीन के आसपास टेंपो चलाता था। खास बात यह कि इन चारो लोगों ने घर लौटने के बाद पुलिस या प्रशासन को निजामुद्दीन से आने की सूचना नहीं दी, और न ही अपना टेस्ट कराया था। कादरचौक पुलिस ने चारो लोगों के घर नोटिस चस्पा कर क्वारंटीन के दौरान बाहर जाने पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। वहीं आसपास के रहने वालों से इन लोगों से नजर बनाए रखने के साथ दूर रहने को कहा है।
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दिल्ली के निजामुद्दीन में तब्लीगी जमात का कार्यक्रम होने से देश में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इस महामारी को फैलने से रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के आदेश पर जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए, उनके संपर्क में आए या निजामुद्दीन में रहने वाले एक-एक व्यक्ति को चिह्नित किया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस द्वारा भेजी गई एक सूची शनिवार देर रात जिला प्रशासन को प्राप्त हुई। इस सूची को दिल्ली पुलिस ने सर्विलांस की मदद से तैयार किया था, जिसमें उन लोगों के नाम दर्ज हैं, जो जमात के कार्यक्रम के दौरान निजामुददीन में रहे या उधर से गुजरे थे। दिल्ली पुलिस ने भेजी सूची में कादरचौक इलाके के तीन और जरीफनगर इलसके के एक व्यक्ति का नाम शामिल है। पुलिस के मुताबिक कादरचौक इलाके के ग्राम रमजानपुर निवासी एक व्यक्ति लॉकडाउन से दो माह पहले लौट आया था। दूसरा व्यक्ति 21 मार्च को घर लौटा है। दोनों निजामुद्दीन इलाके में फल बेचते थे। कादरचौक के लखूपुरा निवासी एक व्यक्ति 12 मार्च को घर लौट आया था। वह निजामुद्दीन इलाके में रंगाई पुताई करता था। जरीफनगर निवासी एक व्यक्ति निजामुद्दीन इलाके में ऑटो चलाता था। वह 18 मार्च को अपने घर लौटा था। दिल्ली पुलिस को सर्विलांस के जरिए चारों लोगों की लोकेशन दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में मिली थी। इससे दिल्ली पुलिस ने इनके नाम और मोबाइल नंबर की सूची बदायूं जिला प्रशासन को भेजी थी।
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इधर, चार लोगों के निजामुद्दीन से लौटने का पता लगने पर प्रशासन में खलबली मच गई। रविवार सुबह पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें चारों लोगों के घर जा पहुंचीं। चारों लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद उन्हें घर में क्वारंटीन कर दिया गया। कादरचौक पुलिस ने उनके घर के दरवाजे पर नोटिस चस्पा किया है, जिसमें उन्हें घर से बाहर जाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। मेडिकल परीक्षण में चारों लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं मिले हैं। इसके बावजूद उनके सैंपल ले लिए गए हैं। उन्हें और उनके परिवार वालों को हिदायत दी गई कि वे 14 दिन तक दूसरे लोगों के संपर्क में न आएं। कोई दिक्कत हो तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें। उनके पड़ोसियों को भी बताया गया है कि वे क्वारंटीन लोगों के घर न जाएं।
घर पहुंची पुलिस, सिंचाई करने चला गया संदिग्ध
कादरचौक (बदायूं)। कादरचौक पुलिस को जैसे ही पता चला कि यहां रमजानपुर निवासी दो लोग निजामुद्दीन इलाके में रहे थे तो खलबली मच गई। पुलिस टीम रमजानपुर पहुंची तो पता चला कि वह खेत पर सिंचाई करने गया है। पुलिस ने उसके घर के दरवाजे पर नोटिस चस्पा कर दिया। पुलिस ने उसके परिजन से कहा कि संदिग्ध व्यक्ति को तुरंत बुलाएं और घर में रहने को कहें। तब दो घंटे बाद संदिग्ध को खेत से बुलाया गया। फिर उसे भी घर में क्वारंटीन कर दिया गया। संवाद
हमारे क्षेत्र के तीन लोगों के नाम सामने आए हैं, लेकिन एक व्यक्ति दो माह पहले आ गया है। जबकि दो लोग अलग-अलग तारीख पर आए हैं। उन्होंने प्राथमिक जांच कराई थी लेकिन हमें जैसे ही सूची प्राप्त हुई, तभी से सभी लोगों को उनके घर में आइसोलेट करा दिया है। किसी में कोई लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सैंपल ले लिए हैं। - इंद्रेश सिंह चौहान, एसओ कादरचौक
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