बदायूं। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण से लोग डरे हुए हैं। दहशत का आलम यह है कि लोग जितना कोरोना वायरस से डर रहे हैं, उससे कहीं ज्यादा इस बात के खौफ में है कि कहीं उनका पड़ोसी कोरोना संक्रमित तो नहीं। गैर प्रांतों से आए कौन व्यक्ति संक्रमित है या स्वस्थ है, यह कहना मुश्किल है।
जिले में अब तक 72 हजार से ज्यादा लोग गैर प्रांतों से आ चुके हैं। यह वह लोग हैं, जिनकी जिले के बॉर्डर पर जांच हुई थी। उनके नाम, पते लिखे गए थे। इनके अलावा हजारों लोग ऐसे ऐसे आ गए, जिनकी न तो कहीं पर गिनती हुई और न ही उनकी जांच की गई। वह या तो पैदल आ गए या फिर अन्य माध्यमों से चुपचाप अपने घर पहुंच गए। यह लोग कहां के रहने वाले हैं और कौन हैं, जिला प्रशासन अभी तक यह पता नहीं लगा पाया है। जिन लोगों के बारे में पता चल रहा है, स्वास्थ्य विभाग की टीमें उन इलाकों में पहुंच रहीं हैं और लोगों की प्राथमिक जांचें कर रही हैं। डर तो इस बात का है कि कहीं कोई व्यक्ति छूट गया तो प्रशासन को बड़ी मुश्किल हो जाएगी। जिसका नतीजा संक्रमित व्यक्ति, परिवार के साथ पड़ोसियों को भी भुगतना पड़ेगा।
सहसवान में मिला संदिग्ध मरीज
सहसवान। नगर के एक मोहल्ले में एक संदिग्ध मरीज मिलने से हड़कंप मच गया है। बताते हैं कि यह संदिग्ध महाराष्ट्र के पुणे में काम करता है। वह 21 मार्च को अपने घर आया था। प्रभारी चिकित्साअधिकारी डॉ. इमरान सिद्दीकी ने बताया कि मरीज बुखार, खांसी और सांस लेने में दिक्कत बता रहा है। सूचना पर पहुंचे डॉ. आकिल ने दवा देकर मरीज को उसके घर में आइसोलेट कर दिया है। उसके सैंपल आदि ले लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
पिता-पुत्र को लेकर गई स्वास्थ्य विभाग की टीम
बदायूं। बिनावर थाना क्षेत्र के ग्राम सिंगरौरा निवासी दो लोगों को घटपुरी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया है। बताते हैं कि एक युवक कुछ दिन पहले दिल्ली से लौटा है। उसकी हालत कुछ खराब बताई जा रही है। उसे सर्दी, जुकाम है। मंगलवार को गांव पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम युवक और उसके पिता को अपने साथ ले गई। दोनों को आइसोलेट किया गया है।