फसल सर्वे में किस कदर धांधली हुई है? इसका प्रमाण बाराचिर्रा गांव है, जहां ऐसे लोगों को मुआवजा चेक दे दिए गए हैं, जिनके खेतों गेहूं नहीं मक्का की फसल खड़ी है। इससे गुस्साए किसानों ने शुक्रवार को तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन कर तहसीलदार को ज्ञापन साैंपा। उन्होंने मामले की जांच कराकर सही लोगों को मुआवजा देेने की मांग उठाई है।
उझानी के गांव बाराचिर्रा के किसानों ने प्रदर्शन के दौरान बताया कि क्षेत्र के लेखपाल ने मनमाफिक सर्वे किया है। जिन लोगों ने लेखपाल को चढ़ावा चढ़ाया, उनके खेतों तक को नहीं देखा गया कि उसमें फसल कौन सी बोई गई थी। क्षेत्र के दो ऐसे किसानों को चेक काटे गए हैं, जिनके खेत में मक्का खड़ी हुई है। गांव वालों ने तहसीलदार के समक्ष आरोप लगाया कि लेखपाल ने बगैर जांच-पड़ताल के सर्वे रिपोर्ट तैयार की है। इसमें पात्र लोगों को भी छोड़ दिया गया है।
ग्रामीण वेदपाल सिंह, रामजीत, अकीमउद्दीन, कुंवरपाल, साबिर, महीपाल, मदनपाल, दिनेश, यादराम आदि ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि सही सर्वे कराकर पात्रों को मुआवजा दिलाया जाए।