बदायूं। चार साल पुराने हत्या के मामले में आरोपी को अपर सत्र न्यायालय की न्यायाधीश फराह मतलूव ने दोषी करार दिया है। दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 1.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की धनराशि में से एक लाख रुपये मृतक ओमवीर के परिजनों को देने का आदेश दिया है।
फैजगंज बेहटा थाना क्षेत्र के कस्बा मुड़िया धुरेकी की रहने वाली अनारकली पत्नी मनीराम ने आठ जून 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसका बेटा ओमवीर व पड़ोसी सुरेश दोपहर 12:30 बजे अपने चबूतरे पर बैठे थे। इसी दौरान गांव के ही योगेंद्र की ओमवीर से कहासुनी हो गई। देखते ही देखते मामले ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया।
योगेंद्र ने ओमवीर के सीने में चाकू से कई वार कर दिए। घटना की सूचना गांव के ही राम किशोर ने दी, इसके बाद परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और अपने बेटे को घायल अवस्था में थाने लेकर आए। पुलिस ने घायल को अस्पताल भेजा, इलाज के दौरान ओमवीर की मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर, आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजकर विवेचना शुरू की गई।
विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था। शुक्रवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन पक्ष के अपर शासकीय अधिवक्ता व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद आरोप में योगेंद्र को दोषी पाते हुए सजा सुनाई है।
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नाबालिग को ले जाने व धर्म परिवर्तन कराने के दोषी को दस साल की कैद
-दोषी पर 50 हजार रुपये का लगाया जुर्माना, पूरी धनराशि पीड़िता को देने का आदेश
-तीन साल पुराने मामले में न्यायाधीश ने सुनाया शुक्रवार को फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूंं। किशोरी को ले जाकर उसका धर्म परिवर्तन कराने के आरोपी को अपर जिला जज व विशेष न्यायालय पाॅक्सो एक्ट के न्यायाधीश दिनेश तिवारी ने आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी को दस साल की कैद व 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की पूरी धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया है।
बिल्सी थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली महिला ने एक जून 2023 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि उसकी 16 साल की छोटी बेटी को गांव के ही दूसरे समुदाय को युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। औरैया जिले के गांव कैथवा का रहने वाला मोमिन पुत्र रहमान का नाम सामने आया।
आरोप था कि उसका साथ रहमान, मैनाज व तीन-चार अज्ञात लोगों ने दिया। उस समय घर पर परिवार का अन्य कोई सदस्य नहीं था। बेटी घर में रखे 50 हजार रुपये नकद, डेढ़ लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात भी साथ ले गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर किशोरी व आरोपी को ढूंढ लिया। किशोरी को बयान दर्ज कराने के लिए कोर्ट में पेश किया गया। वहीं आरोपी को पुलिस ने जेल भेजकर विवेचना शुरू कर दी। विवेचक ने घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था। शुक्रवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद आरोप में दोषी पाते हुए उसे सजा सुनाई है।