बदायूं। कादरचौक और दहगवां में बन रही आईटीआई का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सकता है। इसलिए इनका संचालन नहीं शुरू हो सका और विद्यार्थियों को पढ़ाई करने के लिए शहर आना पड़ता है। इन दोनों आईटीआई के निर्माण के लिए 6.25 करोड़ रुपये की स्वीकृति हो चुकी है।
जिले में छह आईटीआई संचालित है। यहां पर दो हजार से ज्यादा विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इनमें से दातागंज, बिल्सी, बिसौली व बदायूं अपनी-अपनी बिल्डिंग में संचालित है। कादरचौक, दहगवां में भी काफी पहले आईटीआई की बिल्डिंग बनाने के लिए स्वीकृति दे दी गई थी। 6.25 करोड़ रुपये की लागत से यहां पर निर्माण कार्य शुरू हो गया था। शुरुआत में निर्माणदायी संस्था को करीब चार करोड़ रुपये मिले थे। हालांकि नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया आईटीआई प्रशासन ने अधूरे भवनों में ही शुरू कर दिया है। ऐसे में इस बार जो भी विद्यार्थी आईटीआई में प्रवेश लेंगे। उनको जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी होगी। अब नए सत्र की पढ़ाई अब यहीं से होगी।
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इन ट्रेड में होनी है पढ़ाई
- आईटीआई में इलेक्ट्रिकल एंड वेंडर, फिटर, मोटर मैकेनिक, स्टेनोग्राफी हिंदी, सीट मेटर, वायरमैन, इलेक्ट्रिकल पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन, कढ़ाई और सुई टेक्नोलॉजी ट्रेड्स समेत अन्य ट्रेड की पढ़ाई कराई जा रही है।
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वर्जन-
- नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। ऑनलाइन आवेदन मांगे जा रहे हैं। इस सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राएं शुरू से कादरचौक और दहगवां में ही पढ़ाई करेंगे। भवन निर्माण अधूरा है, उसको रुपये मिल रहे हैं। जल्द की भवन निर्माण पूर्ण हो सकेंगे।
-वेदव्रत आर्य, प्रधानाचार्य आईटीआई