बदायूं। मानवाधिकार संरक्षण मंच के तत्वावधान में बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले और अत्याचार के विरोध में बुधवार को बदायूं क्लब में जनसभा व धरना-प्रदर्शन हुआ।
धरना-प्रदर्शन से पहले हुई जनसभा में महामंडलेश्वर स्वामी प्रकाशानंद ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले और अत्याचार से प्रत्येक भारतीय का मन व्यथित है। हाल ही में बांग्लादेश में हिंदुओं के मंदिरों और घरों पर हमले, हिंसा और उत्पीड़न की कई घटनाएं सामने आईं हैं। यह अत्यंत दुखद और चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के साथ हुईं हिंसक घटनाएं और उनके मौलिक अधिकारों का हनन अत्यंत चिंताजनक है। प्रांत संगठन मंत्री विश्व हिंदू परिषद राजेश ने कहा कि कई ऐसी घटनाएं हुईं जो दर्शाती हैं कि बांग्लादेश में संविधान का गला घोटा जा रहा है। हिंदू समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है।
बोले, बांग्लादेश में कई हिंदू मंदिरों पर हमले हुए हैं। मूर्तियों की तोड़फोड़ कर देवी-देवताओं का अपमान किया गया। आगजनी कर हिंदुओं की संपत्ति लूटी गई। इसमें 51 प्रतिशत हिंसा मंदिर में हुई, 61 प्रतिशत मंदिरों पर पूजा के समय हमले हुए।
इस मौके पर मानवाधिकार संरक्षण मंच के संरक्षक प्रेमस्वरूप पाठक, संयोजक जोगपाल सिंह, कथावाचक रवि समदर्शी, प्रभुदास प्रवीन महाराज, नीरज रस्तोगी, भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता, विधायक महेश चंद्र गुप्ता, विधायक हरीश शाक्य, विधायक राजीव कुमार सिंह, जितेंद्र यादव, धर्मेंद्र शाक्य, नितिन कमठाना आदि मौजूद रहे।
ज्ञापन देकर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले रोकने की मांग
धरना-प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एडीएम वैभव शर्मा को दिया गया। मांग की गई कि बांग्लादेश सरकार हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों को तुंरत रोके और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे। भारत सरकार बांग्लादेश सरकार पर दबाव डाले ताकि हिंदुओं की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। उन्हें अपने धर्म और संस्कृति का पालन करने की स्वतंत्रता मिले।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस मुद्दे पर ध्यान दें और बांग्लादेश में मानवाधिकारों की स्थिति में सुधार के लिए ठोस कदम उठाएं। राष्ट्रपति, बांग्लादेश में हिंदुओं व अन्य अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक मजबूत कदम उठाएं।
जनसभा में मौजूद हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता। संवाद
जनसभा में मौजूद हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता। संवाद
जनसभा में मौजूद हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ता। संवाद