विरोध मार्च को रोकने पर पुलिस और कांग्रेसी नेताओं के बीच होती धक्का मुक्की। संवाद
बदायूं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे समेत इंडिया गठबंधन के सांसदों के साथ हुई कार्रवाई के विरोध में कांग्रेसी सिर पर काली पट्टी बांधकर डीएम कार्यालय तक विरोध मार्च निकालने जा रहे थे।
जिलाध्यक्ष अजीत यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता जैसे ही जुलूस के रूप में नेकपुर स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय से बाहर निकले पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया। इस दौरान काफी देर तक पुलिस और कांग्रेसियों के बीच धक्का-मुक्की होती रही। कार्यकर्ता हाथों में कांग्रेस के झंडे लेकर नारेबाजी करते रहे। पुलिस उन्हें आगे बढ़ने से रोकती रही।
इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजीत यादव ने पुलिस-प्रशासन पर भाजपा के एजेंट की तरह काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर को निर्वाचन आयोग से जवाबदेही मांगने जंतर-मंतर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और अन्य सांसदों के साथ बर्बर दुर्व्यवहार और लाठीचार्ज किया गया। यह हमला विपक्ष पर नहीं, बल्कि संविधान पर हमला है। कांग्रेस इस दिन को भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिवस मानती है।
अजीत यादव ने कहा कि वोट के अधिकार और संविधान बचाने की लड़ाई, तब तक जारी रहेगी, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटा नहीं दिया जाता।