जिलाधिकारी शंभूनाथ एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सौमित्र यादव ने शनिवार को थाना उघैती में आयोजित समाधान दिवस की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने दो मई को आयोजित समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति देखी। गुणवतापूर्वक निस्तारण न पाए जाने पर अधिकारियों ने नाराजगी जाहिर की।
बताते चलें कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय शनिवार को समस्त थाना स्तर पर पुलिस अधिकारी, राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल उपस्थित रहते हैं और शिकायतों को आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण कराया जाता है।
आवश्यकतानुसार मौका मुआयने के पश्चात भी विवाद का निपटारा कराया जाता है, लेकिन देखा जा रहा है कि समाधान दिवस में दो चार फरियादियों के अलावा शिकायतकर्ताओं के न पहुंचने से आयोजन का उद्देश्य सार्थक नहीं हो रहा है। दोनों आला अधिकारियों ने जब उघैती थाना पहुंचकर दो मई को आयोजित समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण का जायजा लिया तो उन्होंने पाया कि समाधान दिवस में मात्र तीन शिकायतें ही प्राप्त हुई थीं, जिसमें भी एक चकरोड को काटने के मामले में अकेले दरोगा ने मौका मुआयना कर रिपोर्ट लगा दी। अधिकारियों ने चकबंदी विभाग के लेखपाल महावीर सिंह को तलब कर हिदायत दी कि भविष्य में पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारी साथ-साथ ही मौका मुआयना करें।
जिलाधिकारी, एसएसपी ने दरोगा एवं लेखपाल को मौके पर भेजकर स्थिति के संबंध में विस्तृत जानकारी हासिल की और निर्देश दिए कि शिकायतों का गुणवतापूर्वक ही निस्तारण किया जाए। दोनों ने एसओ उघैती नरेशपाल यादव को हर्ष फायरिंग पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांव के चौकीदार को यह जिम्मेदारी दी जाए कि उसके क्षेत्र में यदि कोई भी विवाह आदि समारोह हो, तो उसकी सूचना थाने पर अवश्य दे, उसके बाद समारोह आयोजनकर्ता को थाना स्तर से नोटिस जारी कर पाबंदी लगा दी जाए कि यदि उस समारोह में हर्ष फायरिंग हुई तो वह स्वयं जिम्मेदार होंगे और शस्त्र लाइसेंस भी निरस्त कर दिया जाएगा।
समाधान दिवस में ग्राम खितौरा की सपना देवी ने दहेज उत्पीड़न, धमकी देने संबंधी शिकायत की। शनिवार को एक बजे तक मात्र एक ही शिकायत प्राप्त हुई थी। इससे इस दिवस की उपयोगिता पर भी सवाल खड़े हुए हैं।