बदायूं के व्यापारी ने मालगाड़ी से लोड कराई 25 हजार क्विंटल की रैक
पक्षियों के दाने के साथ शराब बनाने में भी काम आती है मक्का
बदायूं और एटा जिले की मक्का के अच्छे दिन आ गए हैं। पिछले महीने बरसात की वजह से बेकदरी का दंश झेल चुकी मक्का का किसानों को सही मूल्य नहीं मिल पाया। पिछले दिनों दिल्ली के व्यापारी के कारिंदों ने जिस तरह से यहां के अलावा आसपास की मंडियों में खरीद की, उसका किसानों को भी फायदा मिला। करीब 25 हजार क्विंटल मक्का की रैक कर्नाटक को रवाना हो गई।
पांच दिन पहले स्थानीय रेलवे स्टेशन से मक्का की पूरी रैक लोड कराने वाले आढ़ती रोहताश गुप्ता के मुताबिक- कर्नाटक और पश्चिम बंगाल के अनाज व्यापारियों ने बदायूं जिले की मक्का को पसंद किया है। बरसात की वजह से हालांकि गुणवत्ता प्रभावित हो गई थी लेकिन ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। बदायूं और एटा जिला मक्का उत्पादन के लिए पूरे रुहेलखंड में जाना जाता है। मक्का का रकवा पहले के मुकाबले 20 फीसदी तक बढ़ गया था। उत्पादन भी खूब हुआ। शुरूआत में आढ़तियों ने ट्रकों को आगरा, दिल्ली और राजस्थान भेजने को लोड कराया लेकिन दो सप्ताह पहले दिल्ली के आढ़ती दीपक कुमार ने जिले में आए, तभी आढ़तों पर मांग बढ़ने के साथ ही रेट में भी इजाफा हो गया।
इस समय मक्का का थोक रेट 1150 रुपये तक है। रैक लोड कराने को रोहताश गुप्ता ने बिल्सी, उसहैत, दातागंज समेत एटा जिले की प्रमुख मंडियों से खरीददारी कराई थी। आढ़तियों की मानें तो कर्नाटक में फैक्ट्रियां मक्का से पक्षियों का दाना और शराब बनाती हैं। स्टेशन अधीक्षक एसके यादव ने बताया कि मक्का की रैक 16 अगस्त को कर्नाटक के हावेरी स्टेशन को रवाना हो चुकी है। मालगाड़ी के 42 डिब्बों वाली पूरी रैक में करीब 25 हजार क्विंटल मक्का लोड कराई गई थी।