बदायूं। कोविड के दौरान रखे गए कर्मचारियों को शासन ने वरीयता देने के आदेश दिए थे। इसके बाद भी कर्मचारियों को वरीयता नहीं दी गई और 35 दूसरे कर्मचारियों भर्ती कर लिया गया। अब इस मामले की शिकायत स्वास्थ्य मंत्री से की गई है।
वर्ष 2018 में नियुक्त संविदा कर्मचारियों से कोविड के समय काम कराने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निकाल दिया। डिप्टी सीएम व डीजी स्वास्थ्य ने इनकी पुनः तैनाती के लिए आदेश दे दिए थे। इसके बाद भी महीनों से कर्मचारियों को टहलाया जा रहा और दूसरे कर्मचारियों की नियुक्ति की जा रही है। बीते दिनों कर्मचारी केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा की शरण में पहुंचे और उन्होंने पत्र सीएमओ को भेज दिया। सीएमओ कार्यालय से निकाले गए कर्मचारी गजराज, पुष्पा, अंजू, जितेंद्र, प्रवीन, काजल, सचिन विपिन आदि ने बताया कि उन्होंने जो पत्र दिया वह डाक कर्मी ने चढ़ा लिया। उसके बाद इस पत्र को न तो कोई एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ और लिपिक रिसीव कर रहे हैं। गजराज का कहना है कि कर्मचारियों को तैनाती देने बजाय सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह ने 35 नए कर्मचारियों को अवनि परिधि संस्था के माध्यम से तैनाती दे दी गई है। सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह का कहना है कि ठेका कर्मचारियों को रखने वाली संस्था ने जिनकी की नियुक्ति करके उपलब्ध कराया है, हमने उनको ज्वाइनिंग दी है।
कोट,
- अगर जिला अस्पताल में नए कर्मचारियों की नियुक्ति की है तो गलत है। कर्मचारी की नियुक्ति उन्हीं की होनी है, जिन्होंने कोरोना काल में अपनी जान की परवाह किए बिना ही ड्यूटी की। सीएमएस को पहले ही इसको लेकर पत्र जारी कर दिया था।
- डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ