बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में बच्ची की मौत के मामले की तीसरी बार जांच कमेटी गठित की गई है। मंगलवार को सीएमओ डॉ. रामेश्वर मिश्रा टीम के साथ जांच करने मेडिकल कॉलेज पहुंचे। करीब तीन घंटे तक जांच की। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होनी है। माना जा रहा है कि इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों की लापरवाही से बच्ची की जान गई थी, जिससे उन पर कार्रवाई हो सकती है। सोमवार को एडीएम ने भी डॉक्टरों से पूछताछ की थी।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में 23 अक्तूबर को इलाज के अभाव में दस साल की बच्ची ने दम तोड़ दिया था। बच्ची को बुखार था। डीएम के आदेश के बाद टीम ने ओपीडी के चार डॉक्टरों पर कार्रवाई की गई थी। इस कार्रवाई पर सवाल उठने लगे तो दोबारा जांच कराई गई। जांच के लिए दूसरी कमेटी बनाई गई।
बताते हैं कि जांच पूरी हुई लेकिन इस जांच को भी नहीं माना गया। जांच करने वाली सीएमएस को हटा दिया गया। इसी को देखते हुए अब डीएम ने एडीएम की अध्यक्षता में तीसरी जांच कमेटी बनाई है। मंगलवार को सीएमओ डॉ. रामेश्वर मिश्रा, डीपीएम कमलेश मिश्रा व एडीएम प्रशासन के स्टेनो बाबू सुवज्ञानंद दिन में 11 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंचे और गहनता से जांच की।
डॉक्टरों से अलग-अलग बयान लिए। करीब तीन घंटे तक टीम ने मामले की जांच की। इस दौरान प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार से भी जांच कमेटी ने पूछताछ की है। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई होगी।
यह था मामला
थाना मूसाझाग क्षेत्र के गांव थलिया नगला निवासी नाजिम की बेटी सूफिया (10) को बुखार आ रहा था। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। उसका उपचार एक निजी अस्पताल में चल रहा था। हालत में सुधार न होने के चलते परिजन 23 अक्तूबर की सुबह नौ बजे राजकीय मेडिकल काॅलेज लेकर पहुंचे। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों ने बच्ची को भर्ती नहीं किया। बच्ची ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया था। अब इसी मामले में तीसरी बार जांच शुरू की गई है।
जांच करने मेडिकल कॉलेज गए थे। इमरजेंसी से लेकर ओपीडी में तैनात डॉक्टरों से अलग-अलग बात की। दो दिन में जांच पूरी कर रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई डीएम स्तर से होगी।
-डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ