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Budaun News: सीजेएम ने हत्यारोपी अजय के स्वास्थ्य पर मांगी रिपोर्ट, गठित होगी मेडिकल टीम

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बदायूं। एचपीसीएल प्लांट में बीती 12 मार्च को दो अधिकारियों की हत्या के मामले में जिला कारागार में बंद मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह के स्वास्थ्य को लेकर न्यायालय ने गंभीर रुख अपनाया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) मोहम्मद तौसीफ रजा ने आरोपी की स्वास्थ्य स्थिति पर विस्तृत रिपोर्ट तलब करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तीन सदस्यीय चिकित्सकीय टीम गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जेल अधीक्षक से भी इस संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है।
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यह आदेश आरोपी के अधिवक्ता सोमेंद्र सिंह सोलंकी के शुक्रवार को सीजेएम न्यायालय में प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान दिया गया। अधिवक्ता ने न्यायालय को अवगत कराया कि अजय प्रताप सिंह 13 मार्च से जिला कारागार में निरुद्ध है और उसके दोनों पैरों में गोली लगने से फ्रैक्चर है। इसके अलावा उसका मानसिक उपचार भी मनोचिकित्सक द्वारा किया जा रहा था।
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि न्यायालय के पूर्व आदेश के क्रम में आरोपी को एक अप्रैल को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया जाना था, लेकिन लापरवाही बरतते हुए उसे आठ अप्रैल को वहां भेजा गया। अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज में उपचार शुरू होने से पहले ही कुछ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद 24 घंटे के भीतर उसे पुनः जिला कारागार भेज दिया गया, जिससे उसके उपचार में बाधा उत्पन्न हुई।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए सीजेएम ने सीएमओ को निर्देशित किया कि तीन सदस्यीय विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम गठित कर आरोपी के स्वास्थ्य की निष्पक्ष जांच कर विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की जाए। साथ ही जेल अधीक्षक बदायूं को भी आरोपी की स्वास्थ्य स्थिति और उपचार से संबंधित रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं।

दूसरे जिले के मेडिकल कॉलेज में उपचार कराने की मांग की
अधिवक्ता ने यह भी कहा कि मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने सर्जरी में देरी होने पर पैर काटने तक की आशंका जताई थी, जबकि मानसिक उपचार भी शुरू नहीं हो सका। प्रार्थना पत्र में आरोपी के जीवन पर संकट होने की बात कहते हुए उसका उपचार किसी अन्य जनपद के मेडिकल कॉलेज में कराए जाने की मांग की गई।




हत्यारोपी को मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए पुलिस सुरक्षा में ले जाया गया। मेडिकल कॉलेज में उसकी जांच हुई। डॉक्टर की रिपोर्ट सामान्य होने के बाद उसे वापस जेल में दाखिल कर दिया गया। - अवनीश राय, जिलाधिकारी
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