बदायूं। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत के तहत लाभार्थियों को कार्ड जारी करने का काम समय से पूरा होता नहीं दिख रहा। ज्यादा से ज्यादा रजिस्ट्रेशन और कार्ड बनाने के लिए ब्लॉक स्तर पर कैंपों के बावजूद रफ्तार काफी धीमी है। कार्ड जारी करने का काम कभी झगड़ों में फंस रहा है तो कई बार वेबसाइट भी धोखा दे रही है। अब तक बमुश्किल 66 हजार लाभार्थियों के ही कार्ड बनाए जा सके हैं। चार दिन से आयुष्मान भारत की साइट लगातार धोखा दे रही है।
आयुष्मान भारत के तहत गरीब परिवारों को पांच लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा है। इसके लिए जिले में करीब छह लाख लाभार्थियों को विशेष प्रकार के बायोमेट्रिक कार्ड जारी किए जाने हैं। कार्ड बनाने का जिम्मा जनसेवा केंद्रों को दिया गया है। इसके लिए ब्लॉक स्तर पर 30 सितंबर तक कैंपों का आयोजन भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लाभार्थियों के रजिस्ट्रेशन को आयुष्मान मित्र भी रखे गए हैं। इसके बावजूद अब तक लक्ष्य के सापेक्ष 10 फीसदी लोगों के भी कार्ड नहीं बन सके हैं। चार दिन पहले प्रभारी सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह और जनसुविधा केंद्र जिला समन्वयक शोभित माहेश्वरी के बीच हुई तकरार का असर भी काम पर दिख रहा है। वहीं पूरे प्रदेश में एक साथ ब्लॉक स्तर पर कैंपों का आयोजन होने से आयुष्मान भारत की साइट पर दबाव बढ़ गया है। इससे साइट बार-बार ठप हो रही है। इससे रजिस्ट्रेशन के बाद कार्ड जनरेट होने में दिक्कत आ रही है। ऐसे में आयुष्मान भारत के तहत लाभार्थियों का समय से कार्ड जारी किए जाने का लक्ष्य पूरा नहीं होता दिख रहा।
आयुष्मान भारत योजना के मामले में प्रदेश में बदायूं जिले की स्थिति काफी खराब है। अब तक बदायूं टॉप 20 जिलों की सूची में भी जगह नहीं बना सका है। काम शुरू होने के बाद से ही खराब स्थिति वाले टॉप 30 जिलों में बदायूं का नाम शामिल है। ऐसे में शासन स्तर से भी स्वास्थ्य विभाग पर स्थिति में सुधार के साथ काम तेजी से पूरा कराने के लिए दबाव है।
जनसेवा केंद्र जिला समन्वयक शोभित माहेश्वरी का कहना है कि साइट में दिक्कत से काम में देरी हो रही है। पिछले पांच-छह दिन से जनसेवा केंद्रों पर आने वाले लोगों की संख्या में काफी कमी आई है। उनका यह भी कहना है कि जनसेवा केंद्र पर कार्ड बनाने के बदले 30 रुपये का शुल्क वैध है। कुछ लोग अवैध वसूली की भ्रामक सूचनाएं फैला रहे हैं।
आयुष्मान सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। हम अपने स्तर से काम में तेजी की पूरी कोशिश कर रहे हैं। जनसेवा केंद्रों पर कार्ड बनाए जा रहे हैं। यहां देरी हो रही है। लक्ष्य के सापेक्ष जिला अभी पिछड़ा हुआ है। इस संबंध में उच्च स्तर पर लिखा-पढ़ी की जा रही है।
- डॉ. मंजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ