बदायूं। जब से बाईपास का निर्माण हुआ है, तब से इसकी हालत सुधरने का नाम नहीं ले रही है। अक्सर बरसात में इसके किनारे ढह जाते हैं और उसमें बड़े-बड़े गड्ढे हो जाते हैं। पिछले दिनों हुई केवल एक बारिश से ही बाईपास की हालत और ज्यादा खराब हो गई। कई जगह किनारे इतने ढह गए कि वहां गड्ढे होकर सड़क खोखली हो गई। ऐसे में यहां से सफर खतरनाक हो सकता है।
बरेली-मथुरा हाईवे को शहर के बाहर से जोड़ने वाले बाईपास को शुरू से ही खस्ताहाली का सामना करना पड़ रहा है। पहले सोत नदी का पुल बनने में सालों लग गए तो अब कई जगहों पर सड़क के किनारों से मिट्टी ढहने से काफी गहरे गड्ढे हो गए हैं। इनमें कुछ तो इतने बड़े हैं कि नीचे से सड़क ही खोखली लगती है। अब मानसूनी बारिश का मौसम भी आने वाला है। ऐसे में जब ये सड़क एक ही बारिश नहीं झेल पाई तो पूरे मौसम इसकी हालत क्या होगी, उसकी स्थिति आसानी से समझी जा सकती है।
बरेली हाईवे से लेकर मेडिकल कॉलेज के तिराहे तक बाईपास पर सैकड़ों जगह यही स्थिति है। बताते हैं कि बाईपास पर पानी निकासी का कोई साधन नहीं है। जब बरसात होती है तो जहां ढलान होता है, पानी वहीं गिरता है। इससे बाईपास का किनारा कट जाता है बल्कि वहां की सड़क खोखली हो जाती है। उसकी मिट्टी कटकर खेतों में पहुंच जाती है। इसी के चलते अब कई जगह सड़क टूट गई है। अब तक विभागीय अधिकारियों ने यहां मिट्टी नहीं डलवाई है। इससे आने वाली बरसात में और बड़ा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में इस सड़क से सफर खतरनाक हो सकता है। खासकर, रात में तो ये गड्ढे दिखाई न देने से कोई वाहन इसमें घुसकर बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
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सोत नदी के पुल को खतरा, दोनों साइडें खोखली
बाईपास पर बने सोत नदी के पुल की दोनों साइडों को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा है। इसके दोनों साइडों पर सड़क के किनारे नीचे बैठ गए हैं। इससे सड़क तक में दरार पड़ गई है। कहीं कहीं पिछली बार सुधारने की कोशिश की गई थी। अब उससे ज्यादा बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। इससे सोत नदी के पुल पर आने-जाने के दौरान किनारे से होकर गुजरना भी किसी खतरे से कम नहीं है।
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बाईपास पर हो चुके हैं कई हादसे
बरसात के दौरान गड्ढे होने से बाईपास पर अब तक कई हादसे हो चुके हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर की कार बाईपास के गड्ढे में घुस गई थी। गनीमत यह रही कि कार की रफ्तार काफी धीमी थी। इससे कार सड़क में धंस गई। अगर कार तेज होती तो शायद बड़ा हादसा हो सकता था। इसके अलावा एक एंबुलेंस पलटने से बची थी। एक ट्रक भी इन गड्ढों के कारण पलटने से बचा था।
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बाईपास पर बरसात के दौरान मिट्टी कट जाती है और बहाव के साथ बह जाती है। यह अक्सर होता है। कई बार मिट्टी डलवाई जा चुकी है। बारिश आने से पहले अब दोबारा जेसीबी भेजकर मिट्टी डलवाई जाएगी, साथ ही गड्ढे भरवा दिए जाएंगे।
- अमर सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी