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वर्कशॉप में खड़ी खटारा बसें भी नहीं बन रहीं सहारा

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रोडवेज चौराहा पर धूप के बीच बस के इंतजार में बैठे यात्री। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। दिल्ली समेत अन्य रूटों पर रोडवेज बस यात्रियों को आ रही दिक्कत का 25 के बाद ही समाधान होने की उम्मीद जताई जा रही है। लोकसभा उपचुनाव में 34 बसों के जाने के बाद से यह समस्या सामने आई है। हालांकि, डिपो प्रशासन वर्कशॉप में खड़ीं खटारा बसों को दौड़ाने का प्रयास कर रहा है।
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निर्वाचन आयोग ने बदायूं डिपो की 34 बसों का लोकसभा उपचुनाव के लिए अधिग्रहण किया है। इन बसों को रामपुर भेजा गया है। इनमें ज्यादातर दिल्ली रूट पर संचालित होने वाली नई बसें शामिल हैं। बदायूं डिपो के बेड़े में 168 बसों में 131 बसों निगम और 37 अनुबंधित हैं। निगम की 131 बसों में 50 से ज्यादा बूढ़ी बसें भी शामिल है। 15 बसें तो इंजन समेत अन्य खराबियां होने के कारण वर्कशॉप से ही नहीं निकल पातीं। 34 बसों के चुनाव ड्यूटी में रामपुर जाने के बाद समस्या साफ नजर आ रही है। यात्रियों को दिल्ली समेत अन्य रूटों पर बसों का घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
हालांकि, डिपो प्रशासन वर्कशॉप में खराब खड़ी 15 बसों को मरम्मत कर रोड पर लाने की कोशिश कर रहा है लेकिन यह बसें चलकर नहीं दे रहीं। एआरएम लक्ष्मण सिंह खुद वर्कशॉप में डेरा जमाए हुए हैं। इधर, बुधवार को भी यात्रियों को बसें न मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। कासगंज, चंदौसी, शाहजहांपुर वाया दातागंज, फर्रुखाबाद, दिल्ली वाया बिल्सी, दिल्ली वाया सहसवान और दिल्ली वाया संभल रूटों पर सबसे ज्यादा समस्या हुई।
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कुछ बसें पुरानी हो गई हैं। इनकी नीलामी के लिए मुख्यालय से आदेश का इंतजार किया जा रहा है। इन दिनों 34 बसों को उपचुनाव ड्यूटी में भेजा गया है। इससे कुछ रूटों पर समस्या हो रही है। वर्कशॉप में खड़ी बसों को भी रूट पर लाने की कोशिश की जा रही है। यह बसें रूट पर आती हैं तो समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।
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-लक्ष्मण सिंह, एआरएम बदायूं डिपो
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