उझानी (बदायूं)। कछला पुलिस चौकी को थाना बनाए जाने की कवायद के बीच शनिवार दोपहर डीएम दीपा रंजन और एसएसपी ओपी सिंह वितरोई मोड़ के पास कटरी और बुटला खंजन के पास खाली पड़ी सरकारी जमीन देखने के लिए पहुंचे। पिछले दिनों हालांकि गंगा पार पंखियानगला के पास भूमि देखी गई थी लेकिन प्रस्तावित थाने की भौगोलिक स्थिति के मद्देनजर वह फिट नहीं बैठी।
डीएम-एसएसपी की नजर में इलाके में जो चार नए स्थान आए, उनमें वितरोई, ननाखेड़ा और पिपरौल में से किसी एक स्थान का चयन करने की उम्मीद बढ़ गई है।
कोतवाली क्षेत्र में गंगा की कटरी से जुड़ी कछला पुलिस चौकी को थाने के रूप में विकसित किए जाने की कवायद कई साल से चल रही है। पिछले दिनों एसएसपी ओपी सिंह प्रस्तावित थाने के लिए गंगा पार पंखियानगला के पास भूमि देखने पहुंचे। पंखियानगला से महज दो किलोमीटर दूर ही कासगंज जिले की पुलिस चौकी है। भौगोलिक नजरिए यह भूमि अनफिट साबित हुई। इसके बाद शनिवार दोपहर डीएम दीपा रंजन और एसएसपी ओपी सिंह बुटला खंजन और वितरोई मोड़ के पास कटरी में पहुंचे।
वितरोई मोड़ से कछला कस्बा नजदीक रहेगा। कटरी बरेली-मथुरा हाईवे के दोनों तरफ है। थाने के लिहाज से इस पर ज्यादा गौर किया गया। इसके अलावा गांव कछला-कादरचौक रोड पर ननाखेड़ा और कछला-सहसवान रोड पर गांव पिपरौल के पास की जमीन पर तहसीलदार समेत राजस्व विभाग के अफसरों ने गौर किया। दोनों ही गांव कछला पुलिस चौकी क्षेत्र में आते हैं। बुटला खंजन में भूमि देखी तो गई है लेकिन यह कछला की बजाय उझानी के ज्यादा नजदीक है।
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कछला में थाना बनने पर जुड़ेंगे सहसवान और कादरचौक के कई गांव
कछला के नाम से जो थाना बनेगा, उसमें सर्वाधिक गांव उझानी कोतवाली क्षेत्र के ही होंगे। कस्बों में कछला ही इकलौता होगा। इसके साथ ही ननाखेड़ा से आगे कादरचौक क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांव नए थाने का हिस्सा बन सकते हैं। इनमें मुस्कारा, भदरौल, बमनौसी, पांडेय नगला, बोंदरी आदि के नाम चर्चा में हैं। कछला-सहसवान रोड के गांवों में सहसवान कोतवाली क्षेत्र के पांच-छह गांवों के अलावा मुजरिया थाना क्षेत्र के कुछ गांव शामिल हो सकते हैं। भौगोलिक दृष्टि से सेंटर प्वाइंट कछला बनाकर पश्चिम, पूरब और उत्तर दिशा में करीब 10 किलोमीटर दूर तक थाना क्षेत्र रहेगा। दक्षिण में कासगंज जिले की सीमा कछला से सटी है।