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चालीस साल बाद घर लौटे भीकम...मृत घोषित कर चुका था राजस्व विभाग

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बमनौसी गांव में लोगों के बीच बैठे भीकम सिंह यादव (बीच में लाल टोपी लगाए)। संवाद - फोटो : BADAUN
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कादरचौक (बदायूं)। कादरचौक थाना क्षेत्र में जिस व्यक्ति को राजस्व विभाग कई साल पहले मृत घोषित कर चुका था। वह सोमवार को अचानक अपने गांव लौट आया। उसे देखकर परिवार वाले ही नहीं गांव वाले तक हैरान रह गए। लोगों ने उनके जीवित होने पर खुशी जताई। इस पर भीकम सिंह यादव बोले वह अपने परिवारवालों से भिक्षा लेने आए हैं। मंगलवार को हरिद्वार वापस चले जाएंगे।
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ग्राम बमनौसी निवासी भीकम सिंह यादव करीब 40 साल पहले राजस्थान के बागड़ में जाहरवीर मंदिर गए थे। तब से वह नहीं लौटे। उस समय उनकी उम्र करीब 18 साल थी और उनकी शादी को दो साल हुए थे। तब उनकी बेटी रामबाला एक साल की थी। परिवारवालों के मुताबिक भीकम सिंह राजस्थान में कुछ साधुओं के संपर्क में आए। वहीं उन्होंने दांपत्य जीवन से संन्यास ले लिया और साधु बन गए। वह कुछ दिन अयोध्या, मथुरा, ऋषिकेश और हरिद्वार में रहे। इधर, परिवारवाले उनका इंतजार करते रहे। उनकी बेटी रामबाला जवान हो गई। उसके बाद परिवारवालों ने उनका इंतजार छोड़ दिया। उन्हें मृत मान लिया गया। करीब 25 साल पहले भीकम सिंह की पत्नी मोरश्री की मौत हो गई। रामबाला की शादी उनके छोटे भाई सूरजपाल और उनकी पत्नी भगवानदेवी ने की। उनके हिस्से की जमीन बेटी के नाम करा दी गई। करीब एक साल पहले सूरजपाल भी चल बसे।
सोमवार को भीकम सिंह यादव घर लौटे। उन्हें देखकर परिवार वाले चकित रह गए। उन्हें देखने के लिए तमाम लोगों का तांता लग गया। इसकी सूचना पर रामबाला भी अपने पति बंटी के साथ दहगवां से उन्हें देखने आई। भीकम सिंह ने बताया कि अब वह संन्यासी हैं। अपने परिवार वालों से भिक्षा मांगने आए हैं। मंगलवार को वह हरिद्वार लौट जाएंगे। संवाद
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