उझानी के नरऊ गांव में बैनर लेकर जुटे ग्रामीण। संवाद
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उझानी (बदायूं)। कई सालों से तालाब में डाले जा रहे नाले के गंदे पानी से पैदा हो रहीं दिक्कतों का सामना कर रहे नरऊ के ग्रामीणों ने रविवार को गुस्से का इजहार करते हुए प्रदर्शन किया। हाथ में बैनर लेकर कहा कि जब तक नहीं होगा समस्या का समाधान, नहीं करेंगे मतदान।
नरऊ गांव शेखूपुर विधानसभा का हिस्सा है। ‘गंदे पानी की समस्या का समाधान नहीं तो चुनाव का बहिष्कार’ लिखे बैनर को लेकर जुटे ग्रामीणों राजाराम, महावीर, दाताराम और दिनेश सिंह का कहना था कि कई सालों से तालाब में डाला जा रहा नाले का पानी नुकसान पहुंचा रहा है। लोगों की सेहत के साथ फसलों को भी नुकसान होता है लेकिन अफसरों से लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि समस्या समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाते।
इस मौके पर राजपाल, लोकेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, ओमपाल, जगपाल और बहोरनलाल आदि मौजूद थे। बता दें कि दो दिन पहले इसी इलाके के गांव बरी का नगला के ग्रामीणों ने संपर्क मार्ग का निर्माण नहीं होने का आरोप लगाते हुए मतदान नहीं करने का अल्टीमेटम से लिखे बैनर को पेड़ पर टांग दिया था।
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नरऊ में निरस्त हो चुका है वेटलैंड का प्रस्ताव
नरऊ गांव के तालाब के पास वेटलैंड का निर्माण कराने के लिए नगर पालिका परिषद की ओर से करीब डेढ़ साल पहले प्रस्ताव भेजा गया था। शासन स्तर पर प्रस्ताव में कई खामियां और दो करोड़ रुपये से अधिक धनराशि खर्च होने का अनुमान बताते हुए उसे निरस्त कर दिया गया। वेटलैंड का प्रस्ताव निरस्त होने के बाद पालिका के ईओ जेपी यादव ने वाटर ट्रीटमेंट के लिए पहल शुरू की। इसके लिए पिछले सप्ताह नाले और तालाब के पानी के नमूने लेकर जांच को भेजे जा चुके हैं। संवाद