बदायूं। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) और परिवहन निगम ने रोडवेज का डीजल पंप शिफ्ट कराने के लिए पार्ट वन की प्रक्रिया नए सिरे से शुरू कर दी है। इससे पहले डीजल पंप शिफ्ट करने के लिए जरूरी औपचारिकताओं पूरी किए बगैर वन विभाग से एनओसी के लिए आवेदन किया था। बाद में वन विभाग की ओर से इस संबंध में परिवहन निगम और आईओसी को लिखा गया तब नए सिरे से प्रक्रिया शुरू की गई है।
दरअसल, बदायूं डिपो का वर्कशॉप दातागंज रेलवे क्रॉसिंग के पास शिफ्ट हो गया है, लेकिन अब तक पुराने स्टैंड से डीजल पंप नहीं हटा। करीब एक साल पहले बदायूं डिपो ने इसके लिए वन विभाग से एनओसी मांगी थी, लेकिन पोर्टल पर आधी-अधूरी औपचारिकताओं के साथ पत्रावली बनाकर वन विभाग को भेज दी गई थी। इस कारण वन विभाग से एनओसी नहीं मिल पाई। डीजल पंप शिफ्ट न होने के कारण रोडवेज की 131 बसें डीजल भरवाने के लिए रोज वर्कशॉप से पुराने बस स्टैंड आती हैं। इससे न सिर्फ डीजल की खपत होती है, बल्कि रोडवेज बस स्टैंड पर जाम की स्थिति भी बनी रहती है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना होता है।
आईओसी और रोडवज की ओर से एनओसी के लिए किए आवेदन में वन विभाग के नोडल अधिकारी ने कमियां पाई थीं। ऐसे में पार्ट एक की कार्रवाई ही पूरी नहीं हो सकी। वन विभाग की ओर से पिछले दिनों इस संबंध में रोडवेज को नोटिस भेजा गया। इसके बाद बरेली स्थित आईओसी के कार्यालय से कमियों को दूर करने के बाद फिर से फाइल वन विभाग को देने के साथ पोर्टल पर अपलोड की गई है। अब वन विभाग की ओर से पार्ट टू की कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई वन और पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार की ओर से होनी है। इसके बाद डीजल पंप के लिए एनओसी जारी कर दी जाएगी।
आईओसी और बदायूं डिपो ने एनओसी के संबंध में पार्ट वन की सभी औपचारिकताओं को पूरा किए बिना ही आवेदन किया था। आवेदन में जो कमियां थीं उनको दूर करने के बाद अब फिर से औपचारिकताएं पूरी की गई हैं। पार्ट वन की कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है। जल्द एनओसी के लिए पार्ट टू की कार्रवाई को वन विभाग पूरा कर लेगा। इसके बाद एनओसी जारी कर दी जाएगी। - अशोक कुमार सिंह, डीएफओ