दातागंज। तहसील क्षेत्र के ब्लॉक समरेर के गांवों में मलेरिया व फैल्सीपेरम के केस मिल रहे हैं। यहां के मुख्य बाजार की बात करें तो व्यापारियों के लिए पहले दबंग समस्या बने हुए थे, लेकिन अब गंदगी समस्या बन गई है। व्यापारी गंदगी को लेकर परेशान हैं। बीडीओ से लेकर एसडीएम तक शिकायत कर चुके हैं लेकिन सुनवाई कोई नहीं कर रहा। समरेर ब्लॉक मुख्यालय के मुख्य बाजार में सफाई कर्मचारी आता ही नहीं है।
करीब तीन साल पहले तक समरेर बाजार में दबंगों के खौफ से व्यापारी शाम छह बजते ही बाजार बंद कर दिया करते थे। यहां बाजार में छोटी-बड़ी दो सौ से ज्यादा दुकानें हैं। अब दबंगों का आतंक खत्म हो गया है तो गंदगी समस्या बन गई है। दुकानों के सामने गंदगी के ढेर लगे रहते हैं तो मामूली बारिश में चोक नालियों के कारण यहां जलभराव हो जाता है।
व्यापारियों का कहना है कि कई बार ब्लॉक और तहसील मुख्यालय पर अधिकारियों से शिकायत भी की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इधर, गांवों में मलेरिया व फैल्सीपेरम के केस निकलने के बाद व्यापारी और सहमे हुए हैं।
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बड़ी ग्राम पंचायत पर सफाई कर्मचारी सिर्फ एक
समरेर काफी बड़ी ग्राम पंचायत है। गौर करने वाली बात यह है कि सफाई कर्मचारी के नाम पर यहां एक ही व्यक्ति की तैनाती है। वह भी कभीकभार ही काम पर आता है तो कुछ चुनिंदा स्थानों पर सफाई करने के बाद चला जाता है। यही नहीं कई बार तो संबंधित सफाई कर्मचारी के स्थान पर दूसरा व्यक्ति आता है। ऐसे में यहां सरकार का स्वच्छता अभियान भी कारगर होता नहीं दिख रहा।
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समरेर के व्यापारी बोले-
अब समरेर बाजार में दबंगई नहीं है, लेकिन अनदेखी के कारण गंदगी जरूर है। इस कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई है।
-मुनीश गुप्ता
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समरेर बाजार पहले तो शाम छह बजे ही बंद हो जाता था। अब कुछ माहौल सही हुआ है लेकिन गंदगी के कारण दुकान खोलना और वहां बैठना मुश्किल होता है। अधिकारी सुनवाई ही नहीं करते।
-रोहित वर्मा
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सफाई कर्मचारी आता ही नहीं। समरेर के बाजार में दौ सौ से ज्यादा दुकानें हैं। सुरक्षा के नाम पर पहले से ही कुछ नहीं है। सफाई व्यवस्था का भी बुरा हाल है। शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होती।
-अनिल गुप्ता
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व्यापारियों से टैक्स तो लिया जाता है लेकिन सहूलियत और सुविधा के नाम पर कुछ नहीं मिलता। समरेर बाजार में सफाई नहीं होती। कहते कहते थक गए हैं, कार्रवाई नहीं होती। गांवों में बुखार और मलेरिया के केस मिलने से सफाई और जरूरी हो गई है।
-बालकृष्ण शर्मा