बदायूं। रक्षाबंधन पर बहनों को भाइयों के घर पहुंचने के लिए दुश्वारियों से जूझना पड़ा। परिवहन निगम भले बड़े-बडे़ दावे कर रहा था, लेकिन शनिवार को रक्षाबंधन से एक दिन पहले जब बसों में भीड़ उमड़ी तो व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। बसें कम पड़ गईं, बहनों को घंटों इंतजार और बसों में बैठने के लिए धक्कामुक्की तक झेलनी पड़ी। वहीं डग्गामार बसों ने चांदी काटी वो अलग।
रक्षाबंधन मनाने को लेकर भाइयों के घर जाने के लिए बहनों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ा। रोडवेज स्टैंड पर बहनों को देर तक बसें नहीं मिलीं। जो बसें आती थीं वह तत्काल ही ठसाठस भर जाती थीं। बसों में घुसकर सीट घेरना काफी मुश्किल भरा काम था। ऐसे में बच्चों के साथ बहनों को काफी दुश्वारी झेलनी पड़ी। वहीं त्योहार को लेकर बदायूं डिपो संचालन की व्यवस्थाएं भी दुरुस्त नहीं कर सका। कई बसों को टायर बदलकर उन्हें जुगाड़ से भेजा गया।
शनिवार सुबह से रोडवेज और प्राइवेट बस स्टैंड पर सवारियों का पहुंचना शुरू हो गया। बदायूं डिपो ने दावा किया था कि रक्षाबंधन पर बहनों को कोई दिक्कत नहीं होगी। 131 बसों को दौड़ने की बात कही गई थी, लेकिन शनिवार को व्यवस्थाएं इसके बिल्कुल उलट दिखीं। दरअसल, सरकार ने रक्षाबंधन के दिन बहनों के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा का एलान किया था। ऐसे में रोडवेज पर महिलाओं की संख्या ज्यादा रही। बदइंतजामी के चलते सुबह से लेकर शाम तक बहने परेशान रहीं।
डिपो परिसर में जलभराव और कीचड़ से परेशानी
बदायूं। डिपो प्रबंधन ने रक्षाबंधन के मद्देनजर डिपो परिसर में साफ-सफाई कराना तक जरूरी नहीं समझा। डिपो परिसर में जलभराव, कीचड़ और गंदगी के कारण यात्रियों में खासकर बहनों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। जलभराव और कीचड़ में काफी लोगों के कपड़े भी खराब हुए।