बदायूं। अंडरग्राउंड बिजली केबल ने शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी एक मवेशी की जान ले ली। एक दिन पहले बृहस्पतिवार को भी कबूलपुरा मोहल्ले में एक पशु की जान चली गई थी। ऐसे में अंडरग्राउंड केबल की कमियों को दूर करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने का अधिकारियों का दावा हवाई साबित हो रहा है।
शहर में 119 करोड़ खर्च करके अंडरग्राउंड बिजली लाइन बिजली चोरी और लाइन लॉस के लिए डाली गई थी, लेकिन यह लाइन अब जान की दुश्मन बनी हुई है। हर वर्ष बारिश में अंडरग्राउंड केबल जान की दुश्मन बन जाती है। पिछले दिनों मीराजी चौकी इलाके में गणित प्रवक्ता की जान अंडरग्राउंड केबल बॉक्स ने ले ली थी। इसके बाद बाबा कॉलोनी में दरोगा के दिव्यांग बेटे की मौत हो गई। इस दौरान कितने मवेशियों की जान गई उसकी तो कोई गिनती ही नहीं है।
शुक्रवार को मंडी समिति के पास अंडरग्राउंड लाइन के केबल बॉक्स में आए करंट से फिर एक गोवंशीय पशु की मौत हो गई।
लोगों की सूचना पर सिविल लाइंस पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में मदद एक कारवां संस्था के विकेंद्र शर्मा ने अपने साथियों के साथ जेसीबी के जरिए गोवंशीय पशु के शव को वहां से हटवाया और उसे दफन कराया। अंडरग्राउंड केबल से लगातार हो रहे हादसों को लेकर लोगों में रोष है। दूसरी ओर पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी जिम्मेदारियों से बचते नजर आ रहे हैं।