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एक साल बाद भी डीजल पंप शिफ्ट नहीं, शहर में बसों से लगता है जाम

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रोडवेज बस स्टैंड के पास लगा जाम।संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। रोडवेज वर्कशॉप को शिफ्ट हुुए करीब एक साल बीत चुका है लेकिन अब तक डीजल पंप नए वर्कशॉप में शिफ्ट न होने से शहर में जाम की समस्या यथावत है। इससे काफी दिक्कत होती है। हालांकि, डिपो की ओर से वर्कशॉप शिफ्ट करने संबंधी तमाम औपचारिकताएं पूरी की जा चुकी हैं लेकिन अब तक वन विभाग के स्तर पर एनओसी न मिलने से शिफ्टिंग का काम लटका हुआ है।
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बदायूं डिपो के बेड़े में 168 बसें शामिल हैं। इनमें 131 निगम की और अन्य अनुबंधित बसें हैं। नया वर्कशॉप दातागंज रेलवे क्रॉसिंग के पास है पर बसों को डीजल लेने के लिए शहर के बीचोंबीच स्थित पुराने वर्कशॉप पर ही आना पड़ता है। इस कारण डिपो चौराहे पर अक्सर रोडवेज बसों के कारण जाम लग जाता है।
बाते दें कि पास में ही निजी बस स्टैंड भी है। इससे भामाशाह चौक तक बसों की लाइन लगी रहती है। बदायूं डिपो के अधिकारी अब तक डीजल पंप को पुराने वर्कशॉप से नए में शिफ्ट कराने की सभी औपचारिकताएं पूरी नहीं कर सके हैं। दरअसल, कई विभागों से इसके लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना है।
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नए वर्कशॉप के पास से बिजली लाइन भी गुजर रही है। पावर कॉरपोरेशन से अनापत्ति प्रमाणपत्र का रास्ता साफ हो गया है पर वन विभाग का पेंच फंसा हुआ है। वहां से अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिल सका है। पिछले दिनों इंडियन ऑयल की टीम ने भी निरीक्षण किया था। खुद अधिकारी भी मानते हैं कि डीजन पंप शिफ्ट होने के बाद व्यवस्था में सुधार होगा। जाम की समस्या भी खत्म होगी।
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मॉडल स्टैंड के रूप में विकसित होना है बदायूं डिपो
बदायूं बस स्टैंड मॉडल डिपो के रूप में विकसित होना है। इसके लिए मुख्यालय से अनुमति भी मिल गई है। यहां पुराने भवन को तोड़ने के बाद नए भवन का निर्माण होना है। पुराना यात्री शेड भी तोड़ा जाना है। डीजल पंप शिफ्ट न होने के कारण यह काम भी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। हालांकि स्थानीय स्तर पर अधिकारियों ने पुराने वर्कशॉप की कुछ दीवारों को तोड़कर बसों को खड़ा करने की व्यवस्था की है, लेकिन इससे समस्या का समाधान नहीं हो रहा।
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रोडवेज बस स्टैंड पर सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। अक्सर जाम लगा रहता है। इससे समस्याओं का सामना करना होता है। वर्कशॉप शिफ्ट होने के बाद भी समस्या खत्म नहीं हुई है।
-नितिन गुप्ता, व्यापारी
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सिर्फ रोडवेज बसों के कारण ही नहीं निजी बसों और डग्गामार वाहनों के कारण भी जाम लगता है। वाटर वर्क्स रोड पर तो डग्गमार वाहनों का कब्जा सा रहता है। अधिकारी गंभीर नहीं हैं।
-रेहान अंसारी, नागरिक
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लावेला चौक, जीआईसी, आंबेडकर पार्क, वाटर वर्क्स पर जाम का एक प्रमुख कारण रोडवेज और निजी बस स्टैंड हैं। अगर रोडवेज पूरी तरह से शिफ्ट हो जाता है तो जाम से मुक्ति मिलेगी।
-सुनील गुप्ता, व्यापारी
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अतिक्रमण हटाए जाने के बाद लावेला चौक, जिला अस्पताल रोड, पुलिस लाइंस आदि इलाकों में सड़कें चौड़ी हो गई हैं, लेकिन जाम की समस्या खत्म नहीं हो रही। इसका एक कारण रोडवेज बस स्टैंड भी है।
-डॉ. सत्यपाल कश्यप, चिकित्सक
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रोडवेज बस स्टैंड से डीजल पंप को शिफ्ट करने में कई विभागों व संस्थाओं से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होता है। इस दिशा में काफी काम हो चुका है। वन विभाग से अनापत्ति के लिए आवेदन कर दिया है। जल्दी ही एनओसी मिलने की उम्मीद है। फिर इसे शिफ्ट करने में देर नहीं लगेगी।
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- राजेश कुमार, एआरएम रुहेलखंड डिपो / प्रभारी एआरएम बदायूं डिपो
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