बदायूं। स्वयं सहायता समूहों को सशक्त करने के साथ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत दुग्ध समितियों को चलवाने का निर्णय लिया गया है। इससे जनपद के स्वयं सहायता समूहों में शामिल लगभग 18 हजार महिलाओं को लाभ मिलेगा। प्रत्येक ब्लॉक में 10-10 समितियों का गठन किया जाएगा।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश के सभी जनपदों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की तरफ से स्वयं सहायता समूहों का गठन किया गया है। बदायूं में करीब 18 हजार महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। इनको जिला प्रशासन ने कोरोना काल में मास्क बनाने का काम दिया था। परिषदीय स्कूल में पढ़ाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए यूनिफॉर्म की सिलाई का जिम्मा दिया गया है। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों पर ड्राई राशन वितरण भी इनके माध्यम से कराया गया, ताकि इनको रोजगार मिल सके। अब प्रदेश सरकार ने इन महिलाओं के लिए गांवों में दुग्ध उत्पादन समितियां चलाने का जिम्मा देने का निर्णय लिया है। विभाग की मानें तो प्रत्येक ब्लॉक में 10-10 समितियों का गठन किया जाएगा।
किस प्रकार बेचेंगी दूध, दी जाएगी जानकारी
जनपद में जो समितियां दूध बेचेंगी, उन्हें पराग व दूसरी प्राइवेट कंपनियों के संबंध में जानकारियों दी जाएंगी। किसी प्रकार दूध का रख रखाव करना है और किसी प्रकार ब्रिकी की जाएगी इस सबके बारे में बताया जाएगा।
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को लगातार रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। शासन से जो भी निर्देश मिलते हैं, उन योजनाओं का लाभ इन समूहों को दिलाया जाता है। अब दुग्ध समितियों का गठन किया जाएगा। ताकि महिलाओं को काम मिल सके। - चंद्रशेखर, उपायुक्त, स्वत: रोजगार