बदायूं। सीबीसीआईडी जिन आरोपी रिटायर सीओ वीरेंद्र सिंह यादव को बरेली से लेकर एटा तक तलाश कर रही है और कामयाबी नहीं मिली है। वह सीओ गुरुवार को पुलिस लाइन के नजदीक अपने मैरिज लॉन के सामने मकर संक्रांति के अवसर पर खिचड़ी का प्रसाद बांटते दिखे। सुबह से लेकर शाम तक खिचड़ी बांटते रहे, लेकिन सीबीसीआईडी की नजर उन पर नहीं पड़ पा रही है, यह ताज्जुब की बात है।
वर्ष 2012 में बरेली शहर की कोतवाली में रेलवे के लोको पायलट भगवानदास के बेटे दीपक की मौत हो गई थी। इस पर भगवानदास ने तत्कालीन इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह यादव, सिपाही मुकेश गिरी और रूम सिंह के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह यादव तीन साल पहले बदायूं जिले में सीओ सिटी के पद से रिटायर हुए हैं। फिलहाल इस मामले की जांच सीबीसीआईडी कर रही है। सीबीसीआईडी नामजद सभी पुलिस कर्मियों को दोषी करार दे चुकी है। साथ ही दावा कर रही है कि मुख्य आरोपी रिटायर्ड सीओ वीरेंद्र सिंह को तलाश किया जा रहा है। ये भी दावा किया जा रहा है कि सीओ को बरेली जिले से लेकर एटा तक तलाश कर चुके हैं लेकिन सीओ का कुछ पता नहीं चल रहा है, जबकि रिटायर सीओ वीरेंद्र सिंह यादव गुरुवार को पुलिस लाइन के नजदीक अपने ही मैरिज लॉन के सामने खिचड़ी वितरित करते हुए नजर आए। बताया जा रहा है कि सीओ ने ये मैरिज लॉन एक भाजपा नेता के साथ मिलकर पार्टनरशिप में खोला है। दोनों ही लोग मैरिज लॉन चला रहे हैं। जहां सीओ अक्सर आते-जाते हैं लेकिन कभी सीबीसीआईडी यहां दबिश देने नहीं आई। उन्होंने लॉन के बाहर अपनी नेमप्लेट भी लगवा रखी है।
रिटायर सीओ वीरेंद्र सिंह यादव के खिलाफ बरेली में जांच चल रही है। ये तो पता है। हमने से अखबारों में पढ़ा है, लेकिन उनकी गिरफ्तारी के संबंध में अब तक हमारे पास ऑफिशियल लेटर नहीं आया है। अगर आता है तो कार्रवाई की जाएगी। - विनय कुमार द्विवेदी, सीओ सिटी