बदायूं। सीजन शुरू होने से पहले ही जिले के हाई रिस्क ब्लॉक में मलेरिया दस्तक दे चुका है। अब कोरोना संक्रमण के बीच डेंगू और चिकनगुनिया का खतरा भी है। लेकिन इस बीच हर ओर केवल कोरोना का शोर है। बाकी बीमारियों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। ऐसे में अगर कोविड-19 के बीच डेंगू पैर पसारता है तो काफी दिक्कत होगी। मच्छर जनित बीमारियों के कारण पहले से कहीं ज्यादा लोगों की जान जाने से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
मच्छर जनित बीमारियों के लिहाज से जिला हाई रिस्क श्रेणी में है। पिछले वर्ष इसका काफी प्रकोप रहा। स्वास्थ्य विभाग के तमाम दावे फेल हो गए। यहां तक कि शासन ने सीएमओ तक को सस्पेंड कर दिया। बाद में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक देश में यूपी में मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप सबसे ज्यादा था और यूपी में बदायूं इस मामले में दूसरे नंबर पर रहा। वर्तमान वर्ष पर गौर करें तो जुलाई 2020 तक जिले में मलेरिया के 527 मामले आ चुके हैं। सबसे ज्यादा मलेरिया रोगी हाई रिस्क जगत ब्लॉक के गांवों में सामने आए हैं। इसके अलावा म्याऊं, दातागंज, सालारपुर, उसावां और उसहैत ब्लॉक के गांवों में भी मलेरिया के रोगी मिले हैं।
गौर करने वाली बात यह है कि इसके बाद भी साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। शहर से लेकर गांवों तक गंदगी है। नाले-नालियां चोक होने से जल भराव के हालात बने हुए हैं। जिले की ज्यादातर ग्राम पंचायतों ने भी स्वच्छता और स्वास्थ्य समितियों के लिए मिले बजट को खर्च नहीं किया है। ऐसे में अगर कोरोना संक्रमण के बीच मच्छर जनित बीमारियां फैलती हैं तो इन्हें रोक पाना मुश्किल होगा।
बदायूं को लेकर शासन भी गंभीर
मार्च 2020 में कोरोना संक्रमण के साथ ही शासन-प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग का पूरा फोकस कोरोना पर है। मच्छर जनित बीमारियों को रोकने के लिए अभियान धीमा हो गया है। पिछले महीने शासन के प्रमुख सचिव चिकित्सा और स्वास्थ्य ने बरेली में मंडलीय समीक्षा बैठक में बदायूं की स्थिति पर चिंता जताई थी। इसके बाद हाल ही में खुद मुख्यमंत्री ने मंडलीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की। कुछ दिन तो मच्छर जनित बीमारियों को लेकर अभियान में तेजी दिखी लेकिन इसके बाद फिर से यह अभियान ठप सा हो गया है।
कोरोना के साथ मलेरिया, डेंगू पर भी नियंत्रण जरूरी
कोरोना संक्रमण के बीच मलेरिया और डेंगू जैसी जानलेवा बीमारियों पर भी नियंत्रण जरूरी है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग इस ओर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहा। पूरा फोकस कोरोना संक्रमण पर ही है। इसके बावजूद प्रतिदिन कोरोना के दर्जनों केस सामने आ रहे हैं। जैसे-जैसे मच्छरजनित बीमारियों का सीजन नजदीक आ रहा है, उसके साथ ही कोरोना के मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में तमाम सवाल भी उठ रहे हैं। जाहिर है कि कोरोना के साथ मलेरिया और डेंगू की रोकथाम के उपाय भी बेहद जरूरी हैं।
केेविड-19 के बीच मच्छर जनित और संक्रामक बीमारियों पर भी पूरा ध्यान दिया जा रहा है। इस संबंध में मंडल के सभी सीएमओ को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं। मलेरिया के मामले में बदायूं ज्यादा संवेदनशील है। सफाई पर ध्यान देने के लिए संबंधित विभागों को लिखा गया है। हालात नियंत्रण में हैं।
- डॉ. जावेद हयात, एडी