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लक्ष्य से ज्यादा बांटी तब भी जिले में हो रही यूरिया की किल्लत

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बदायूं/ सिलहरी। खरीफ सीजन में भी किसानों को यूरिया की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। सहकारी समितियों पर भी यूरिया की किल्लत है। खाद-बीज विक्रेता मौके का फायदा उठाकर ओवर रेटिंग कर रहे हैं। इसके साथ ही किसानों को यूरिया के साथ एक जिंक का पैकेट भी दिया जा रहा है। इसकी कीमत भी वसूल की जा रही है। हालांकि, जिम्मेदार विभाग इस वर्ष पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा यूरिया बांटने की बात कह रहा है, लेकिन सवाल उठता है कि अगर ज्यादा यूरिया का वितरण किया गया है तो किसान परेशान क्यों है।
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धान की फसल को इस समय यूरिया की सबसे ज्यादा जरूरत है। ऐसे में खाद-बीज की दुकानों पर किसानों की लाइनें लगना शुरू हो गई हैं। किसानों की जरूरत को देखते हुए व्यापारियों ने लाभ उठाना शुरू कर दिया है। खुले बाजार में 45 किलो यूरिया के एक कट्टे की कीमत 266 रुपये 50 पैसे है, लेकिन दुकानदार एक कट्टे के 300 रुपये तक वसूल रहे हैं। इतना ही नहीं यूरिया के एक कट्टे के साथ एक पैकेट जिंक या अन्य किसी सामान का भी लेने को मजबूर कर रहे हैं। ऐसे में किसान को एक कट्टा यूरिया के लिए 360 रुपये तक चुकाने हो रहे हैं। इसके साथ ही दुकानदार किसानों को पक्की रसीद भी नहीं दे रहे। खासकर सहकारी समितियों पर यूरिया की सबसे ज्यादा किल्लत है। एआर कोआपरेटिव राघवेंद्र का कहना है लक्ष्य से ज्यादा यूरिया बांटी जा चुकी है, स्टॉक भी है, लेकिन जिस तरह से खरीफ सीजन के शुरू में ही यूरिया को लेकर किसान परेशान है, उससे सरकारी दावों पर भी सवाल उठ रहे हैं।
लक्ष्य से 70 फीसदी ज्यादा यूरिया वितरण का दावा
एआर कोऑपरेटिव राघवेंद्र प्रताप सिंह का दावा है कि इस बार पिछले साल के मुकाबले दो गुनी यूरिया उपलब्ध है। इतना ही नहीं अब तक लक्ष्य से करीब 70 फीसदी ज्यादा यूरिया केंद्रों पर भेजी जा चुकी है। जुलाई के पहले सप्ताह तक 17124 मीट्रिक टन यूरिया बिक्री केंद्रों पर पहुंच चुकी है। इसमें 13120 मीट्रिक टन का वितरण किसानों को कर दिया है। पिछले साल की तुलना में करीब 70 प्रतिशत अधिक यूरिया केंद्र पर भेजी गई है। करीब 9222 एमटी यूरिया वितरण के लिए उपलब्ध है। बिक्री केंद्रों पर यूरिया की कोई कमी नहीं है।
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132 में 35 सोसाइटी ही है एक्टिव
जनपद में 132 साधन सहकारी केंद्र हैं। जिनमें से अभी 35 साधन सहकारी समिति ही एक्टिव चल रही है। बाकी कई कारणों की वजह से अभी बंद हैं। हालांकि इन एक्टिव सोसाइटी के अलावा, छह इफ्को केंद्र, 56 एग्री जंक्शन, 35 आईएफएफडीसी और चार पीसीएफ के केंद्र पर खाद का वितरण किया जा रहा है। इन दुकानों पर करीब 20 हजार मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है।
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