बदायूं। कोरोना काल में अभी फिटनेस सेंटर बंद चल रहे हैं। वहीं लोग मार्निंग वॉक से भी बच रहे हैं। ऐसे में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का एक आसान तरीका उन्हें दवाईयां ही समझ में आ रही हैं लेकिन बिना डॉक्टर की सलाह के ज्यादा दवाओं का सेवन बीमार भी डाल सकता है। यही वजह है कि इन दिनों मेडिकल स्टोरों पर विटामिन सी, एंटीबायेटिक आदि दवाओं की मांग ज्यादा हो गई है।
कोविड-19 के संक्रमण का खौफ हर व्यक्ति के मन में बसा हुआ है। इसका असर भी मेडिकल स्टोरों पर लगने वाली भीड़ को देखकर लगाया जा सकता है। इसकी वजह यह है कि अब हर व्यक्ति जुकाम, खांसी से बचाने के लिए उपाय करने लगा है। यही कारण है कि छींक आने या गले में हल्की शिकायत होते ही वह मेडिकल स्टोर की तरफ दौड़ लगाना शुरू कर देते हैं। दवा व्यापारी संजीव का कहना है कि इस समय बुखार और खासी की दवाओं की बिक्री में इजाफा हुआ है, वहीं विटामिन सी की भी मांग बहुत तेजी के साथ में बढ़ी है। विटामिन सी की दवाओं को लोग इम्युनिटी बढ़ाने का साधन समझकर ले रहे हैं। कुछ अन्य मेडिकल स्टोर संचालकों का भी यही कहना है कि इस समय सर्दी खांसी की सामान्य दवाओं समेत विटामिन सी वाली दवाओं की बिक्री ज्यादा हो रही है।
कोविड-19 के संक्रमण को हराने का रास्ता अभी तक डॉक्टरों की राय में रोग प्रतिरोध क्षमता को बढ़ाना ही है। इसके बाद यह संक्रमण शरीफ पर खास दुष्प्रभाव नहीं डाल सकेगा। जिला अस्पताल के आयुर्वेद डॉक्टर अनिल कुमार के अनुसार लोगों को अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काढ़ा बनाकर लेना चाहिए। लेकिन उसकी भी सीमित मात्रा है। इससे अधिक लेने से यह शरीर पर दुष्प्रभाव भी डालती है। उनके अनुसार निर्धारित औषधियों को चार कप पानी में उबालें और एक कप पानी रह जाए, तब इसका सेवन करें, सुबह का बनाया काढ़ा शाम को न पीयें।
एक बार में इतना ले काढ़ा
गिलोय चूर्ण-आधा चम्मच
तुलसी चूर्ण-आधा चम्मच
अश्वगंधा चूर्ण-आधा चम्मच
गुलैरी चूर्ण-आधा चम्मच
शुष्ठी चूर्ण (सूखी हुई अदरक या सौंठ)-आधा चम्मच
दालचीनी चूर्ण-चौथाई चम्मच
कोविड-19 जब से शुरू हुआ, तब से बाजार में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली दवाओं के सेवन का फैशन का हो गया। लोग बिना डॉक्टरी सलाह के ही इस तरह की दवाएं ले रहे हैं जो आने वाले समय में वह बीमारी को कम करने की जगह बढ़ा देंगी। जिला अस्पताल के डॉ. आरके वर्मा का कहना है अगर किसी दवा की डोज तय नहीं है और उसका सेवन किया जा रहा है। वह किडनी, लीवर, पाचन तंत्र पर असर डाल सकती है। हालांकि यह असर जल्द ही लोगों को दिखाई नहीं देता है। लेकिन ये दवाएं असर दिखाती है तो पेट में अल्सर, तेजाब बनना, शुगर में बढ़ोतरी समेत अन्य बीमारियों को जन्म देती है।
- 70 किलोग्राम से अधिक के मरीज को 650 एमजी पैरासिटामॉल लेनी चाहिए
- कम वजन वाले को 500 एमजी पैरासिटामॉल लेनी चाहिए
- दिनभर में एक ग्राम से अधिक विटामिन सी न ले
- कोई भी दवा बिना डॉक्टर की परमिशन से न लें।
होम्योपैथी दवा की अगर अधिक डोज लेते हैं, तो इससे मरीजों को कोई नुकसान नहीं होगा लेकिन एक समय अवधि के बाद में दवाएं अपना असर दिखना कम कर देंगी। होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. विनय गुप्ता बताते हैं कि कई दवाएं रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने की आती है। उसका फायदा भी मरीजों को मिल रहा हैं। उनकी कितनी मात्रा और दवा को कब खाना है, वह निश्चित हो तो अच्छे रिजल्ट सामने आते हैं।