उझानी (बदायूं)। पुरानी अनाज मंडी में एक दुकान पर बिकने पर पहुंचे गेहूं और चावल के 30 कट्टे पुलिस के हत्थे चढ़ गए। शिकायत के बाद पुलिस की कार्रवाई से पहले ही आरोपी माल छोड़ कर भाग गया। इसके बाद जिला पूर्ति विभाग की टीम भी कोतवाली पहुंची और नरऊ गांव के युवक की शिकायत पर जांच शुरू कर दी। जांच में कोटेदार का स्टॉक तो पूरा पाया गया, लेकिन कुछ कार्डधारकों ने अनाज कम देने के आरोप जरूर लगाए। फिलहाल पुलिस के कब्जे में मौजूद गेहूं और चावल को लेकर पसोपेश बना हुआ है।
मामला रविवार तड़के करीब पांच बजे का है। कोतवाली क्षेत्र के गांव नरऊ निवासी मुकेश ने डॉयल-112 पर कॉल कर दी कि उझानी की पुरानी अनाज मंडी में बिकने के लिए दो ई-रिक्शा से राशन का गेहूं और चावल पहुंच रहा है। इसके बाद पुलिस ने मंडी में घेराबंदी कर ली, लेकिन उससे पहले ही पोलर दोनों ई-रिक्शा से अनाज अनलोड कर खिसके चुके थे। पुलिस को ब्लैकमेलर भी मौके पर नहीं मिला। बाद में गेहूं और चावल बरामद कर लिया गया। 30 कट्टों में करीब 15 क्विंटल गेहूं-चावल बताया गया है। पुलिस की सूचना के बाद पूर्वाह्न में जिला पूर्ति कार्यालय के एआरओ नरेंद्र सिंह और सप्लाई इंस्पेक्टर जयवीर सिंह तीन सदस्यीय टीम के साथ कोतवाली पहुंच गए। प्लॉस्टिक के कट्टों पर सरकारी मार्का नहीं पाया गया। इसके बाद एआरओ और सप्लाई इंस्पेक्टर ने नरऊ पहुंचकर शिकायतकर्ता से बात की। कोटेदार का स्टॉक चेक करके गांव के कार्डधारकों के बयान दर्ज किए गए। कोटेदार का स्टॉक पूरा गया। टीम में शामिल अफसरों की मानें तो वह जांच चल रही है। इधर, प्रभारी निरीक्षक ओमकार सिंह ने बताया कि पूर्ति विभाग की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
देहात से मार्केट में हर महीना पहुंचता है गेहूं-चावल
उझानी। कोरोना संक्रमण को लेकर केंद्र सरकार ने लॉकडाउन शुरू होने के बाद से ही कार्डधारकों के लिए प्रति माह मुफ्त में गेहूं और चावल मुहैया कराने की योजना लागू की थी। इसके तहत देहात क्षेत्र में भी कार्डधारकों के लिए योजना का लाभ मिलने लगा लेकिन पिछले दो-तीन महीना से मार्केट में गेहूं और चावल की आवक बढ़ गई है। ब्लॉक क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों में कोटेदारों पर पूरा माल मुहैया नहीं कराने का भी आरोप लगा। अफसर भी असलियत से वाकिफ हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
पुलिस के जरिये मामला संज्ञान में आने के बाद वह विभागीय टीम के साथ नरऊ गांव पहुंचे हैं। अब तक की जांच में गेहूं और चावल राशन की दुकान का होना नहीं पाया गया है। वह देर शाम तक जांच पूरी कर रिपोर्ट विभागीय अफसरों को सौंप देंगे।
- नरेंद्र सिंह, एआरओ, सप्लाई विभाग।