बदायूं। प्रदेश सरकार की तरफ से कोरोना काल के दौरान राशन वितरण के दूसरे चरण के दौरान प्रत्येक कार्ड धारक को प्रति यूनिट पांच किलो के हिसाब से चावल मुहैया कराया जा रहा था। शासन ने इसमें बदलाव कर दिया है। अब चावल के साथ-साथ गेहूं का भी वितरण कराया जाना तय किया है। प्रत्येक राशन कार्ड धारक को प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल के हिसाब से निशुल्क वितरण किया जाएगा। यह व्यवस्था मंगलवार से शुरू भी कर दी गई है।
कोरोना काल की वजह से लगे लॉकडाउन के कारण सब कुछ बंद हो गया था जिससे गरीब परिवारों के आगे रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया था। अधिकतर लोग मजदूरी कर अपने परिवारों का पेट पालते थे। ऐसे में कारखाने बंद होने से वह भुखमरी की कगार पर आने लगे थे। इसको ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने गरीब लोगों के लिए निशुल्क राशन वितरण करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत पहले चरण में अंत्योदय कार्डधारक, पात्र गृृहस्थी कार्डधारक (पीएचएच) जिनके पास वर्तमान में प्रचलित मनरेगा जॉब कार्ड है, पात्र गृृहस्थी कार्डधारक जो वर्तमान में श्रम विभाग में पंजीकृृत निर्माण श्रमिक हैं। नगर निकाय विभाग में पंजीकृृत दिहाड़ी मजदूर जिनके पास पात्र गृृहस्थी कार्ड है। इन सभी श्रेणियों के कार्डधारकों को मुफ्त राशन का वितरण हो रहा था। इसके अलावा पीएचएच राशन कार्ड धारको को निर्धारित शुल्क पर राशन दिया जा रहा था।
वहीं, दूसरे चरण में सभी कार्ड धारकों को प्रति यूनिट पांच किलो चावल निशुल्क दिया जाता था लेकिन शासन ने जुलाई में इस योजना में बदलाव कर दिया था। इसके तहत पहले चरण में सभी राशनकार्ड धारकों को राशन खरीदना पड़ रहा था जबकि दूसरा चरण यथावत था। अब शासन ने एक बार फिर इसमें बदलाव कर दिया है। अब सभी कार्ड धारकों को प्रति यूनिट पांच किलो चावल की जगह तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल निशुल्क दिया जाएगा। यह प्रक्रिया मंगलवार से जनपद में शुरू कर दी गई है।
लॉकडाउन में इन लोगों को मिल रहा था निशुल्क राशन
लॉकडाउन के दौरान प्रदेश सरकार ने कुछ गरीब परिवारों को निशुल्क राशन देने की घोषणा की थी जिसमें मनरेगा जॉब कार्डधारकों, श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों और सभी अंत्योदय कार्डधारक शामिल थे। इनको शासन के निर्देश पर 15 किलो चावल और 20 किलो गेहूं निशुल्क दिया जा रहा था। इसके अतिरिक्त प्रत्येक राशन कार्ड/ प्रत्येक यूनिट के हिसाब से पांच किलो चावल अतिरिक्त दिया जाता था। साथ ही एक कार्ड पर एक किलो चना भी दिया जा रहा था।
क्या है पहला और दूसरा चरण
खाद्य एवं रसद विभाग की तरफ से प्रदेश के सभी जनपदों में जिला पूर्ति विभाग के माध्यम से राशन का वितरण कराया जाता है। विभाग के अनुसार एक से 15 तारीख के बीच में जो राशन का वितरण किया जाता है वह सामान्य प्रक्रिया है, जो लगातार चलती आ रही है। विभाग के अनुसार इसे पहला चरण कहा जाता है, इसके बाद में जो भी वितरण कराया जाता है, उसे दूसरा चरण माना जाता है।
क्या कहते हैं अधिकारी
अभी तक द्वितीय चरण में पांच किलो चावल सभी को निशुल्क दिया जा रहा था। शासन की तरफ से नियमों में अब कुछ बदलाव हो गया है। इसके तहत अब तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल दिया जा रहा है। मंगलवार से इसी व्यवस्था के तहत राशन वितरण किया गया है।
- रामेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी