बदायूं। स्मॉग और प्रदूषण का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को भी इसका असर जारी रहा। धुंध से सूर्य ढका रहा। इधर बढ़ते स्मॉग से लोगों की दिक्कत बढ़ती जा रही है। इससे सांस, हृदय के रोगियों की संख्या में इजाफा हो रहा है तो बच्चों और बूढ़ों को परेशानी हो रही है।
रविवार सुबह मॉर्निग वॉक पर जाने वाले लोगों के कदम थम गए। बुुजुर्ग भी घर से कम बाहर निकले। दोपहर बाद इसका अधर अधिक देखने को मिला। दूूर से नाजारा कोहरे जैसा था। दिनभर सूर्य देव के दर्शन तो हुए, लेकिन धूप का असर कम रहा। शाम को धुंध बढ़ गई। गौरतलब है कि दीपावली के बाद से जो स्मॉग का असर शुरू हो गया था वह धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। जानकारों का मामना है कि अभी तीन-चार दिन इसका असर और रह सकता है। जिसकी वजह से लोगों की दिक्कत और बढ़ सकती हैं। दिल्ली और एनसीआर इलाके में तो पहले से ही प्रदूषण के वजह से अलर्ट है। लोग पूरी सुरक्षा के साथ ही घर से निकल रहे हैं। ऐसे में अपने शहर के लोग भी इससे लगातार जूझ रहे हैं। जिला अस्पताल और निजी डॉक्टरों के यहां सांस और हृदय रोगियों की संख्या बढ़ गई है।
दवा भी कर रही है कम असर
दीपावली के बाद से सांस लेने में काफी दिक्कत आ रही है। जब डॉक्टर तो दिखाया, तो उन्हें दवा दी है। फिलहाल तो दवा भी कम असर कर रही है। आंखों में जलन हो रही है।
-सतेंद्र सिंह, सिरसा खुर्द
बदलते मौसम से तबीयत बिगड़ी
अस्पताल में तीन दिन से भर्ती हूं। लगातार तबीयत बिगड़ती जा रही है। पहले दवा लेता था, तो आराम मिल जाता था, लेकिन मौसम में हो रहे परिवर्तन की वजह से काफी दिक्कत हो रही है।
-जगदीश, किरपालपुर
सांस लेने में आ रही दिक्कत
दीपावली के बाद से लगातार धुंध बढ़ रही है। आज तो पूरे दिन कोहरे जैसा हाल रहा। समझ नहीं आ रहा कि आखिर यह क्या है। सांस लेने में भी दिक्कत आ रही है।
-जमील अहमद, मीरा सराय
बच्चों, बुजुर्गों को हो रही दिक्कत
पहले तो कभी ऐसा नहीं होता था। सर्दी के मौसम में कोहरा तो पड़ता था, लेकिन उससेे इतनी दिक्कत नहीं होती थी। इस समय घर के बुजुर्गों और बच्चों को दिक्कत हो रही है।
-सुनील, आदर्श नगर
धुआं छोड़ने वाले वाहनों और पराली जलाने से वायू प्रदूषित हो रही है। जो आसमान में कोहरा छा रहा है उसमें काफी नमी है। इसमें धुआं मिश्रित होने से यह काफी नुकसानदायक हो गया है। इससे फेफड़ों, स्किन, आंखों को ज्यादा नुकसान हो सकता है। सांस और हृदय रोगियों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो सकती है। प्रदूषित वायु सांस से फेफड़ों में पहुंचती है। जो शरीर के लिए नुकसानदायक है। इससे बचने के लिए लोग मास्क लगाकर घर से निकलें।
-डॉ. नितिन कुमार सिंह, ईएमओ जिला अस्पताल