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ककोड़ा मेले में सुतिया पुल का टोल टैक्स..इस बार भी नहीं

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बदायूं। मेला ककोड़ा आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुतिया पुल के लिए इस साल जिला पंचायत की ओर से टोल टैक्स को लेकर कोई टेंडर नहीं निकाला गया है। ऐसे में इस बार भी श्रद्धालुओं को कोई टैक्स नहीं देना होगा और न किसी जनप्रतिनिधि को जिला पंचायत के लिए टैक्स अदा करना होगा। वर्ष 2011 में सहसवान विधानसभा क्षेत्र के तत्कालीन विधायक डीपी यादव द्वारा एकमुश्त टैक्स जमा करके इसे श्रद्धालुओं के लिए फ्री कराने की परंपरा तब से चली आ रही थी। डीपी यादव के बाद कुछ बार पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव ने तो 2017 में शेखूूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य ने इसे जनता के लिए फ्री कराया था।
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मेला आने वाले श्रद्धालुओं को वर्ष 2011 से पूर्व हर साल टोल टैक्स ‘सुतिया पुल’ के नाम से देना पड़ता था, ऐसे में हर वाहन के आने जाने पर रुपये निर्धारित थे, जो ठेकेदार के माध्यम से वसूले जाते थे। तत्कालीन सहसवान विधायक डीपी यादव की पहल पर वर्ष 2011 में पहली बार मेला ककोड़ा का टोल टैक्स माफ किया गया था। इसके बाद में पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव द्वारा हर साल टैक्स माफ कराया जाता रहा। वर्ष 2017 में भाजपा के शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य ने इसे माफ कराया। वर्ष 2018 में भी श्रद्धालुओं को कोई टैक्स नहीं देना पड़ा, लेकिन इस साल जिला पंचायत की ओर से टोल टैक्स को लेकर कोई टेंडर ही नहीं निकाला गया। ऐसे में इस बार श्रद्धालुओं को कोई टैक्स नहीं देना होगा और न किसी जनप्रतिनिधि को जिला पंचायत के लिए टैक्स अदा करना होगा।

सड़क पर नहीं लगेगा जाम
मेला ककोड़ा में टोल बैरियर पर वाहन स्वामियों से वसूली के चलते जाम लगता था। घंटों लोग जाम में फंसे रहते थे। कई किलोमीटर तक वाहन जाम में रेंगते थे। टोल टैक्स पूरी तरह से खत्म होने पर अब कही भी जाम की स्थिति नहीं बनेगी।
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मेलार्थियों की नहीं कटेगी जेब
मेले में आने के लिए श्रद्धालुओं को टोल टैक्स के अलावा वाहन स्टैंड का किराया भी देना होता है। इसके अलावा टोल टैक्स खत्म होने से रोडवेज और दूसरे वाहन भी मेलार्थियों से कम किराया वसूलेंगे, जबकि टोल टैक्स लागू होने पर टोल का खर्च भी किराये में शामिल किया जाता था।

जिला पंचायत की ओर से इस बार से टोल टैक्स पूरी तरह से खत्म कर दिया है। अब किसी भी श्रद्धालु को टैक्स नहीं देना पड़ेेगा और न किसी जनप्रतिनिधि द्वारा इसको अदा करना होगा।
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- सीपी सिंह राघव, एएमए, जिला पंचायत
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