उझानी (बदायूं)। भैया दूज के दिन मंगलवार को एक के बाद एक हुए सड़क हादसों के मामले में बुधवार को बदायूं और बरेली के एआरटीओ के साथ पीडब्ल्यूडी के अफसर पहले से चिह्नित ब्लैक स्पॉट की हकीकत को जानने के लिए निकल पड़े। उन्होंने पहले तो रोडवेज और प्राइवेट बस के भिड़ंत स्थल को देखा फिर कछला समेत कई स्थानों पर डेंजर जोन से निजात पाने को किए गए उपायों पर गौर किया। इधर, बुग्गी चालक ने रोडवेज बस के चालक विवेक तोमर को लापरवाही से वाहन चलाने में नामजद करा दिया है।
मंगलवार सुबह दिल्ली हाईवे स्थित बाईपास पर बुलंदशहर डिपो की रोडवेज बस और प्राइवेट स्लीपर बस की भिड़ंत की वजह भी काफी हद तक साफ हो चुकी है। बेकाबू रफ्तार के चलते ही रोडवेज बस ने सब्जी से लदी घोड़ा-बुग्गी को टक्कर मार दी थी। इसके बाद रोडवेज बस और प्राइवेट बस की आमने-सामने की टक्कर में हेल्पर शेरखान की मौत के साथ ही दोनों वाहनों में बैठीं 40 से अधिक सवारियां घायल हो गई थीं। घोड़ा-बुग्गी के चालक कोतवाली क्षेत्र के गांव मानकपुर निवासी हासिम ने रोडवेज बस चालक विवेक तोमर को लापरवाही में नामजद करा दिया है। इसके अलावा भी मंगलवार को कई स्थानों पर सड़क हादसों में पिता-पुत्र समेत पांच राहगीरों को जान से हाथ धोना पड़ गया था। बिल्सी-वजीरगंज मार्ग पर गांव ब्योली के प्रधान अभिषेक सिंह की मौत भी एक सड़क हादसे में हो गई थी।
अचानक ही हादसों की संख्या में इजाफे के बाद बरेली के एआरटीओ (प्रवर्तन) जयशंकर अपने समकक्ष बदायूं के सोहेल अहमद और पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन हेमंत राव के साथ दुर्घटनास्थल पर पहुंचे। अफसरों ने बाईपास पर मौका मुआयना के बाद कछला और उसके आसपास ब्लैक स्पॉट भी देखे। ये ब्लैक स्पॉट सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत चिह्नित किए गए थे। ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर पीडब्ल्यूडी ने हादसे रोकने के लिए सुरक्षा के जो इंतजाम किए थे, उन्हें भी चेक किया गया। एआरटीओ सोहेल अहमद ने बताया कि हादसों में सर्वाधिक संख्या रफ्तार ही सामने आती है। बता दें कि पीडब्ल्यूडी ने चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर नई तकनीक के स्पीड ब्रेकर बनवाए थे।
यह लो रेफर स्लिप... जल्दी बदायूं जाइए
यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को प्रथम संदर्भन इकाई (एफआरयू) की सुविधा प्राप्त है। इसके तहत सीएचसी पर विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ गंभीर घायलों का भी प्राथमिक उपचार किया जा सकता है लेकिन सड़क हादसों के बाद ऐसा बहुत कम ही नजर आता है। मंगलवार ही नहीं, बल्कि पहले भी घायलों के अस्पताल पहुंचने पर पट्टी बांधे जाने की ही औपचारिकता पूरी की जाती रही है। कई बार तो ऐसा भी सामने आया कि घायल को पट्टी बांधते समय उसके शरीर पर लगे खून को भी साफ नहीं किया गया। स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा मरीज को पट्टी बांधे जाने से पहले ही डॉक्टर उसे बदायूं रेफर किए जाने की स्लिप थमा देते हैं।
...तो फिर स्लीपर बस के मालिक पर भी हो सकती है कार्रवाई
जयपुर-बरेली रूट पर चलने वाली प्राइवेट स्लीपर बस और बुलंदशहर डिपो की रोडवेज बस में टक्कर के बाद मौके पर जो हालात देखने को मिले, उसने प्राइवेट स्लीपर बस की वास्तविकता पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। स्लीपर बसें यूं तो सवारियों की सुविधा के अनुुरूप होती है लेकिन उसके अंदर और छत पर लकड़ियों के करीब डेढ़ सौ तख्ते लदे थे। जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए था। ऐसे में अफसर स्लीपर बस के मालिक के खिलाफ भी कार्रवाई कर सकते हैं।
ये हैं बदायूं जिले के ब्लैक स्पॉट
पुरानी चुंगी, लालपुल तिराहा, खेड़ा नवादा, पुलिस लाइन चौराहा, जिरौलिया, भगवान दास ढाबा, छतुइया रेल फाटक, बुटला दौलत, कछला पेट्रोल पंप, कछला पुल, रारेंट चौराहा, भटपुरा के पास मोड़, हत्सा रोड, वनकोटा, सोई पुलिया, रहेड़िया वजीरगंज, ओरछी चौराहा, डीपी कॉलेज सहसवान, राफिया कॉलेज बिसौली रोड, माहेश्वरी कोल्ड स्टोरेज सहसवान, उस्मानपुर पुल जरीफनगर, सखानू-हयातनगर मार्ग, इस्लामगंज से उनौला मार्ग अलापुर, छोटी ज्यारत से कुरऊ रोड, नौगवां नसीरनगर, हरेंडी मोड उसहैत, मुडसेना के सामने हजरतपुर, सेनपुर, सुखौरा तिराहा, हनुमान मंदिर बदायूं रोड पापड़, बरेली तिराहा दातागंज और कलौरा तिराहा बेलाडांडी रोड दातागंज।
डंपर से नहीं भिड़ती तो खाई में पलट जाती रोडवेज बस
दिल्ली हाईवे स्थित निर्माणाधीन अथइया पुलिया पर मंगलवार रात करीब 11 बजे रोडवेज बस की अस्थायी रोड पर डंपर से भिड़ंत में बस के चालक की लापरवाही सामने आ रही है। सूत्रों का कहना है कि चालक ने पुलिया के पास बने अस्थायी रोड की ओर गौर ही नहीं किया। वह बस को अस्थायी रोड से होकर निकालने की बजाय निर्माणाधीन पुलिया की तरफ दौड़ा ले गया। वह तो गनीमत रही जो सड़क से अस्थायी रोड की तरफ मोड़ते समय बस डंपर से भिड़ गई नहीं तो वह करीब 30 फुट गहरी खाई में गिरकर पलट जाती। ऐसे में सवारियों को जनहानि का सामना भी करना पड़ता।