बदायूं। शहरवासियों के लिए मूलभूत सुविधाएं देने की जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की है, लेकिन उसकी ओर से शहरवासियों की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिसकी वजह से शहरवासियों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पालिका की अनदेखी की वजह से शहर में कई जगह पर मैनहोल खुले पड़े हैं, जिसकी वजह से आए दिन कोई न कोई हादसा होता रहता है। पिछले दिनों खुले पड़े मैनहोल में एक बाइक सवार मय बाइक के गिर गया था। जिसके काफी चोट आई। वहीं, इससे पहले भी कई ऐसे हादसे हो चुके हैं, जिसकी वजह से राहगीर चोटिल हो चुके हैं, लेकिन तमाम शिकायतों के बाद भी पालिका ने इस ओर ध्यान नहीं दिया है।
भाजपा सरकार के आने के बाद में लोगों को उम्मीद जगी थी कि शहर के दिन बहुर जाएंगे। शहर में विधायक और पालिकाध्यक्ष भी भाजपा के ही चुने गए, लेकिन लोगों ने जिस उम्मीद के साथ जनप्रतिनिधियों को जिताकर भेजा, उसका लाभ उन्हें लाभ नहीं मिल सका। शहर की सड़कों पर जगह-जगह मैनहोल खुले पड़े हैं, जिससे रात के अंधेरे में अक्सर लोग हादसे का शिकार हो जाते हैं। कई बार इसकी नगर पालिका प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। नई सराय पीली कोठी के पास सड़क के बीच में दो मैनहोल खुले हैं तो शिवपुरम को जाने वाले रास्ते पर भी मैनहोल खुला पड़ा है। अन्य कई स्थानों पर भी यही हाल है। आसपास वाले बताते हैं कि इन मैनहोल को बंद कराने के लिए नगर पालिका प्रशासन को कई बार शिकायत की गई, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। बरसात होने पर सड़क पर पानी भर जाता है तब लोग इन मैनहोल में घुस जाते हैं।
...तो किसी बड़े हादसे के इंतजार में है पालिका
शहर के सिविल लाइन निवासी सुमित पटेल 26 सितंबर को घर से अपने दोस्त के पास देर शाम जा रहे थे। पीली कोठी के पास एक व्यक्ति को बचाने के चक्कर में उनकी बाइक खुले पड़े मैनहोल में घुस गई। इससे वह घायल हो गए। इसके अलावा जवाहरपुरी निवासी शिशिर भी शनिवार को इस मैनहोल में गिरते-गिरते बचा। फिर भी बाइक का अगला पहिया मैनहोल में घुस ही गया, जिससे उसके काफी गुम चोटें आईं। 10 मई को जालंधरी सराय निवासी एक परिवार शादी समारोह से लौट रहा था। जफा की कोठी के सामने कार का पहिया खुले पड़े मैनहोल में जा घुसा, जिससे कार में सवार बच्चेे चोटिल हो गए। लोगों की काफी मशक्कत के बाद कार को मैनहोल से बाहर निकाला।
क्या बोले लोग
पालिका प्रशासन जनहित की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। यही वजह है कि आज के समय में शहर में समस्याएं बढ़ती जा रही है। अगर पालिका को लोगों की थोड़ी भी चिंता होती, तो शायद हादसे का सबब बन रहे मैनहोल अब तक बंद हो चुके होते।
-मनोज कुमार, ऑफिसर्स कॉलोनी
शहरवासियों के लिए मूलभूत सुविधाएं देने की पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की है, लेकिन पालिका प्रशासन की ओर से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन सही तरीके से नहीं किया जा रहा है।
नितिश कुमार, इंद्रा चौक
सड़कों के मैनहोल से वैसे तो सभी को दिक्कत हो रही है, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को होती है, जो बाहर से आते हैं। अंदाजा न होने के कारण वे इनमें गिरकर घायल हो जाते हैं। कई मर्तबा लोग गंभीर रूप से भी चोटिल हो चुके हैं।
-दीपेश पाल, जवाहरपुरी
कई बार शिकायतें की है, लेकिन कोई सुनने वाला ही नहीं है। पालिका के अधिकारियों को तो केवल अपने काम से मतलब है। जनता के हित मेें उनका कोई भी ध्यान नहीं है, जिसकी वजह से लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
अनिल, सिविल लाइंस
शहर में अधिकतर मैनहोलों को बंद कराया जा चुका है। अगर कहीं पर खुले रहे गए हैं तो उनको चिह्नित करते हुए उनकी सूची तैयार की जाएगी। उसके बाद में मैनहोल को बंद करा दिया जाएगा। लोगों को परेशानी का सामना नहीं करने दिया जाएगा।
-दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष