हाल ही में जवाहरपुरी के पटेल मार्केट स्थित दो इंटरनेट कैफे में आधार कार्ड बनाने के लिए तीन सौ रुपये की वसूली का वीडियो भी वायरल हुआ था। बता दें कि आधार कार्ड बनाने के अधिकृत केंद्र सिर्फ बैंकों और डाकघरों में हैं, लेकिन यहां कैफे में खुलेआम आधार कार्ड बन रहे थे।
इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति से तीन सौ रुपये की वसूली की जा रही थी। एक संचालक तो जीपीएस से जुड़े होने के बावजूद उझानी स्थित एसबीआई शाखा से रोज लैपटॉप लाकर आधार कार्ड बना रहा था। लोकेशन में छेड़छाड़ करने के बाद आधार बनाए जाते थे। इस मामले में भी अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
शिकायत आने के बाद प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई करने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। वहीं मामले को लेकर एसडीएम दातागंज केबी सिंह का कहना है कि
आधार कार्ड जारी होने की प्रक्रिया बायोमेट्रिक है। एक ही नंबर पर दो आधार कार्ड नहीं बन सकते। एक ही नंबर पर दो आधार का मामला सामने आने से मैं भी हैरान हूं। मामले में जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।