कादरचौक (बदायूं)। तीन तलाक पर देश में कानून बनने के बाद कादरचौक में दर्ज हुए जिले के पहले मामले का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने पीड़िता को मिलने के लिए लखनऊ बुलाया है। मुख्यमंत्री के बुलावे पर मंगलवार को पीड़िता बदायूं आई। यहां से उसे दो महिला दरोगा के साथ जाना था, लेकिन अचानक मुख्यमंत्री के अन्य कार्यक्रम में व्यस्तता के कारण वह यहां से रवाना नहीं हो सकी।
कादरचौक थाने के गांव मोहम्मदगंज के असलम खां ने अपनी बेटी साफिया का निकाह 23 जून 18 को सदर कोतवाली के मोहल्ला नई सराय नई बस्ती के अजहरुद्दीन के साथ किया था। निकाह के कुछ दिनों बाद ही ससुराल वाले साफिया को दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करने लगे। कई बार अजहरुद्दीन ने उसको खून के आंसू रुलाने की धमकी भी दी। साफिया के मायके वालों ने नाते-रिश्तेदारों को बीच में डालकर सुलह-समझौते की कोशिश भी की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। परेशान होकर साफिया करीब तीन महीने पहले ससुराल छोड़कर मायके में रह रही थी। 8 सितंबर को अजहरुद्दीन अपने परिवार वालों के साथ मोहम्मदगंज आया। यहां भी उसने साफिया को धमकाया। इसके बाद वह साफिया को तीन तलाक देकर छत के रास्ते कूदकर भाग गया।
असलम की तहरीर पर कादरचौक पुलिस ने दहेज उत्पीड़न और तीन तलाक की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। तीन तलाक का क्षेत्र में यह पहला मामला था। अमर उजाला ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया तो इसकी धमक लखनऊ तक पहुंची, जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इसका संज्ञान लिया। सोमवार रात लखनऊ से एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी को सूचना दी गई कि मुख्यमंत्री साफिया से मिलना चाहते हैं। इसके बाद संदेश मिलने पर रात में ही थाना कादरचौक पुलिस हरकत में आ गई और असलम को इसकी सूचना दी। मंगलवार को असलम साफिया के साथ बदायूं पहुंचे, लेकिन यहां जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री किसी अन्य कार्यक्रम में व्यस्त हैं इसलिए वह रवाना नहीं हो सकी।
महिला को लखनऊ बुलाया गया था। एसएसपी का मेसेज आया था, जिस पर उसे यहां से बदायूं भेजा गया था, लेकिन मुख्यमंत्री की व्यस्ततता के कारण महिला के जाने का कार्यक्रम रद्द हो गया। अब दोबारा मेसेज आने पर महिला को वहां भेजा जाएगा।
-जुगेश चौहान, प्रभारी थानाध्यक्ष, कादरचौक