दबतोरी (बदायूं)। यदि सब कुछ ठीकठाक रहा तो चालू माह के अंत तक चंदौसी-आंवला लाइन पर बिजली की ट्रेनें दौड़ने लगेंगी। विद्युतीकरण का कार्य लगभग पूरा हो गया है। 25 सितंबर से ट्रॉयल किया जाएगा। रेलवे ने इसकी पूरी तैयारियां कर ली हैं। इसके बाद से यात्रियों को काफी सहूलियत हो जाएगी।
उत्तर रेलवे ने चंदौसी-आंवला से गुजर रही लाइन पर बिजली की ट्रेनों को दौड़ाने की योजना तैयार की थी। जून से इस लाइन पर विद्युतीकरण का कार्य भी शुरू हो गया था। इस काम के अगस्त माह में पूरा होने की उम्मीद थी, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। अब पूरी लाइन पर काम लगभग पूरा हो गया है। लिहाजा, उत्तर रेलवे लाइन पर जल्द ही बिजली की ट्रेनों को दौड़ाने की तैयारी में जुट गया है। चंदौसी से आंवला के बीच सिसरका, आसफपुर, पुरुवाखेड़ा, दबतोरी, करेंगी, रैवती भौड़ा खेड़ा और आंवला स्टेशन पड़ते हैं।
आसफपुर में बन रहा है टीएसएस
- लाइन पर ट्रेनों के बिना किसी रोकटोक के दौड़ने के लिए रेलवे की ओर से आसफपुर में 132-25 केवी का टीएसएस (ट्रैक्शन सबस्टेशन) बनवाया जा रहा है, जबकि करेंगी, आंवला और रामगंगा में उपकेंद्र का काम चल रहा है। इस काम के भी जल्द पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
यात्रियों को मिलेगा लाभ, समय लगेगा कम
- इस लाइन पर इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन होने से क्षेत्र के ललुआनगला, बीधानगला, दौलतपुर, मोतीपुरा, मुसियानगला, ततारपुर, परसिया, आदपुर आदि के ग्रामीणों को काफी सहूूलियत हो जाएगी। यहां से प्रतिदिन सैकड़ों लोग अलीगढ़, मुरादाबाद, आगरा समेत अन्य स्थानों पर जाते हैं। इन लोगों को ट्रेनों का संचालन होने के बाद काफी लाभ होगा। बरेली से चंदौसी होते हुए अलीगढ़, आगरा तथा मुरादाबाद होते हुए दिल्ली आने जाने में समय की काफी बचत होगी।
लाइन पर विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया है। अब 25 सितंबर से लाइन पर विद्युत इंजन के जरिए ट्रेन का ट्रॉयल किया जाएगा। ट्रॉयल के बाद बिजली से चलने वाली ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। उम्मीद है कि माह के अंत तक इस लाइन पर बिजली की ट्रेनें दौड़ने लगेंगी।
गौरव गोयल, डिप्टी चीफ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर, मुरादाबाद