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मंत्री जी, वेंडर जोन बनवा दीजिए......सड़कें कुछ तो होंगी चौड़ी

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बदायूं। शहर के अंदर सड़कों पर हो रहे अतिक्रमण की एक वजह ठेले और खोमचे भी हैं। इन ठेले, खोमचे वालों को सड़क पर जहां पर भी जगह मिल जाती है, वहां पर उन्हें खड़ा कर देते हैं, जिसकी वजह से सड़कों पर जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे में लोगों उधर से निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई जगहों पर अतिक्रमण करने वाले दुकानदार अपने सामने की जगह इन ठेले वालों को प्रतिदिन के हिसाब से किराए पर दे देते हैं और उनसे जगह का किराया वसूलते हैं। अब महेश गुप्ता के नगर विकास मंत्री बनने से लोगों में स्थानीय समस्याओं के निदान की आस जगी है। शहर में कोई वेंडर जोन न होने के कारण भी अतिक्रमण और जाम की समस्या ज्यादा है। यदि शहर में वेंडर जोन बन जाए तो न केवल ठेले खोमचे वाले निडर होकर अपनी आजीविका चला सकेंगे, बल्कि शहर को भी अतिक्रमण और जाम की समस्या से निजात मिल सकेगी।
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शहर हो रहे अतिक्रमण की वजह से आम-आदमी से लेकर कर्मचारी, अधिकारी तक परेशान है। हालांकि इसको सही करने का जिम्मा नगर पालिका प्रशासन का है, लेकिन जब अतिक्रमण ही उनकी शह पर हो रहा हो, तो फिर किसी से क्या उम्मीद लगा सकते हैं। ऐसे में शहर की जनता समस्या से कराह रही है। लोगों का कहना है कि अगर पालिका अतिक्रमण नहीं करा रही, तो वह शहर से उसे हटाती क्यों नहीं हैं। आखिरकार जनप्रतिनिधियों को जनता ने क्यों और किसलिए चुना है। वर्तमान में शहर के अंदर सड़कों की हालत किसी से छिपी नहीं है। पहले कभी शहर में जो सड़कें हुआ करती थी वे आज गालियों में बदल गई है। ऐसे में शहर के अंदर जगह-जगह जाम की दिन भर स्थिति बनी रहती है। ऐसा नहीं है कि इससे सिर्फ आम जनता ही परेशानी होती है, बल्कि सरकारी कर्मचारी से लेकर अधिकारियों को भी इस जाम के झाम से जूझना पड़ता है।
शहर में हो रहे अतिक्रमण में ठेले, खोमचे वाले में कुछ कम भूमिका अदा नहीं करते हैं। वह जहां मर्जी होती है, खड़े हो जाते हैं, साथ ही अपने सामान की ब्रिकी करना शुरू कर देते हैं। अगर उनकी वजह से जाम लगता है, तो उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। ये भी काबिलेगौर है कि अगर कोई ठेले-खोमचे वाला किसी निश्चित जगह पर दो से तीन दिन खड़ा होने लगे, तो वह फिर वहां पर किसी अन्य ठेले वालों को खड़ा नहीं होने देता है, जिससे सड़क किनारे अतिक्रमण होना शुरू हो जाता है। कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानों के सामने भी ठेले, खोमचे लगवाने शुरू कर दिए हैं। इसकी एवज में उन ठेले वालों से किराया भी वसूला जाता है।
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ठेले-खोमचे हटने से होगा फायदा
शहर में जहां-तहां लोगों ने ठेले लगा लिए हैं, जिसकी वजह से सड़क पर अतिक्रमण हो रहा है। उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि उनकी वजह से अन्य लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
- पवन गौतम, प्रेमनगर
रोड किनारे की पटरियां तो इन्होंने घेर ली
- शहर में जो रोड किनारे पटरियां है। उनके आगे तो ये ठेले खोमचे वाले खड़े हो जाते है। जिसकी वजह से वह अधिकांश सड़क घिर जाती है। यही हाल सड़क के दूसरी ओर का रहता है। इसकी वजह से लोगों को परेशानी होती है।
- कमल राज सिंह, सिविल लाइन
मंत्री जी बोले
- शहरवासियों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। हरसंभव प्रयास किए जाएंगे, जिससे जनता की परेशानी दूर हो सके। शहर में अतिक्रमण की समस्या काफी है, इसके लिए वेंडर जोन बनवाने के लिए पूरा प्रयास रहेगा। इससे गरीब लोगों को अपने रोजगार के लिए परेशानी भी नहीं होगी, साथ ही शहर भी साफ सुथरा हो सकेगा।
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- महेश चंद्र गुप्ता, नगर विकास मंत्री
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