बदायूं। केंद्र और प्रदेश सरकार ने भले ही सड़कों को गड्ढामुक्त करने का फरमान सुनाया हो, लेकिन इस फरमान पर अमल कितना हुआ, यह यहां की सड़कें खुद ही कह रही हैं। शहर के अंदर की बात तो छोड़िए, हाइवे की ही हालत इतनी खस्ता हो रही है कि कंकड़ उछलकर वाहन सवारों को लग रहे हैं। सड़कों पर गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं। इस समय बरेली- मथुरा हाइवे पर कांवड़ियों की धूम है, लेकिन सड़कें खराब होने के कारण उन्हें भी बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाईवे के दोनों ओर पड़े पत्थरों से होकर ही कांवड़ियों को गुजरना पड़ रहा है, लेकिन भक्ति रस से सराबोर कांवड़िये इन्हें भी पार करते हुए निकल रहे हैं।
बरेली-मथुरा हाईवे-
सरकार बरेली-मथुरा हाईवे को फोरलेन बनवा रही है। सैकड़ों करोड़ की लागत से इसका काम बीते एक साल से भी ज्यादा समय से चल रहा है, लेकिन फिलहाल यह अधूरा पड़ा है। हाईवे के दोनों ओर चौड़ी की गई सड़क पर पत्थर डाल दिया गया है, जो हर किसी के लिए मुसीबत बना हुआ है। खासकर कछला गंगाघाट से कांवड़ भरने जाने वाले शिवभक्तों के लिए तो यह जंजाल ही साबित हो रहा है। हाईवे की खस्ता हालत होने के बाद भी शिवभक्त बम-बम भोले के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहते हैं।
मुरादाबाद-फर्रूखाबाद हाईवे
-मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर जगह-जगह गड्ढे हैं। इस हाईवे पर दिन-रात वाहन गुजरते हैं। सो कई दफा तो दोपहिया वाहन चलाने वाले इन गड्ढों में गिरकर जख्मी हो जाते हैं। हांलाकि कई स्थानों पर हाईवे पर पैचिंग कार्य किया गया है, लेकिन फिर भी लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। काबिलेगौर हो कि इस हाईवे से भी भारी संख्या में कांवड़िये गुजरते हैं।
बदायूं-बिजनौर की हालत कुछ ठीक
शहर में बड़े सरकार के पास से होकर बदायूं-बिजनौर हाईवे गुजर रहा है। इस हाईवे के साइडों पर सड़क की स्थिति कई स्थानों पर नाजुक है, हालांकि बाकी हाईवे से इसकी स्थिति काफी अच्छी है। ऐसे में ट्रैफिक का लोड भी इस पर ज्यादा है। बदायूं से दिल्ली को जाने वाली बसों का संचालन भी इस पर खूब हो रहा है।
हाईवे पर जहां पर भी सड़क टूटी थी, उसकी पैचिंग कर दी गई है, अगर सड़क पर कहीं भी गिट्टी फैली है, तो उन्हें तुरंत हटवाने का काम किया जाएगा, ताकि किसी को कोई दिक्कत न हो। - हेमेंत कुमार, एक्सईएन, निर्माण, पीडब्ल्यूडी