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अब तो शहर वासियों के लिए %सपना% लगने लगी सीवर लाइन

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बदायूं। शहर में सीवर लाइन डलवाने की योजना वर्षों से बनाई जा रही है, लेकिन आज तक परवान नहीं चढ़ सकी। मौजूदा शहर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने भी कई बार इस संबंध में शासन से मांग की थी। तत्कालीन नगर विकास मंत्री रहे सुरेश खन्ना ने भी बदायूं में सीवर लाइन की जल्द सौगात मिल जाने की बात कही थी। मौजूदा समय में शहर विधायक नगर विकास राज्यमंत्री के पद पर हैं, फिर भी प्रस्ताव अब तक अटका पड़ा है। ऐसे में शहरवासियों के लिए सीवर लाइन एक सपना ही बनकर रह गई है।
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प्रदेश के उन पिछड़े जिलों में बदायूं का नाम शुमार है, जहां पर आज तक सीवर लाइन नहीं पड़ सकी। हालांकि जिले से कई बार सीवर लाइन डालने के लिए पत्राचार हुआ, लेकिन उसका नतीजा कुछ भी नहीं निकल पाया। इस वजह से आज भी यहां बरसात के दिनों में स्थिति विकराल हो जाती है। सन 2006-07 में शहर में सीवर लाइन डालने का प्रस्ताव भेजा गया था। उसे वक्त जिले की आबादी एक लाख 48 हजार थी, साथ ही 25 वार्ड हुआ करते थे। उस समय जल निगम की तरफ से शहर में 80 किलोमीटर सीवर लाइन डालने का प्रस्ताव बनाया गया। इस पर 84 करोड़ से अधिक खर्च दिखाया। इसके बाद में फाइल शासन को भेज दी गई। उसके बाद केवल पत्राचार ही होता रहा। हालात ये रही कि अक्तूबर 2017, जनवरी 2018, मार्च 2018, जून 2018, अक्तूबर 2018 व जनवरी 2019 में पत्राचार किया गया, लेकिन कभी नगर पालिका, तो कभी एसडीएम जमीन उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर टालते रहे।
इस मामले में अंतिम बार पत्राचार एडीएम प्रशासन रामनिवास शर्मा ने इसी साल फरवरी को किया था। इसमें उन्होंने एसडीएम को निर्देशित किया था कि वह जमीन का चिह्नीकरण कर भूमि को उपलब्ध कराएं, ताकि इस महत्वपूर्ण परियोजना का काम शुरू हो सके लेकिन यह कार्रवाई भी पत्राचार से आगे नहीं बढ़ सकी। ऐसे में सीवर लाइन आज भी शहरवासियों के लिए सपना बनी हुई है।
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- सीवर लाइन को लेकर शहर को दो जोन में बांटा गया था। एक जोन में शेखूपुर रोड स्थिति मीरा सराय या सोत नदी के पास नौ हेक्टेयर जमीन चाहिए थी तो दूसरे जोन में ककराला रोड स्थित नरऊ बुजुर्ग के पास सवा दो सौ हेक्टेयर जमीन चाहिए थी, लेकिन आज तक यहां पर जमीन नहीं मिल सकी।
- प्रदेश में जब सपा की सरकार थी, तब तत्कालीन विधायक आबिद रजा और तत्कालीन पालिकाध्यक्ष फात्मा रजा की तरफ से सीवर लाइन डालने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन उन वक्त भी इसको मंजूरी नहीं मिल सकी।
- सपा सरकार के जाने के बाद में योगी सरकार प्रचंड बहुमत में आई। ऐसे में लोगों को ये उम्मीद बन गई थी कि अब शायद शहर में सीवर लाइन की प्रस्तावित योजना धरातल पर नजर आने लगेगी। पड़ोसी जिला शाहजहांपुर के विधायक सुरेश कुमार खन्ना नगर विकास मंत्री बनने के बाद जब पहली बार बदायूं आए, तब शहर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने उन्हें फिर से सीवर लाइन के प्रस्ताव को हरी झंडी देने के लिए पत्र सौंपा था। सुरेश खन्ना ने आश्वासन भी दिया था कि अब इसमें किसी भी तरह की देरी नहीं होगी। लखनऊ जाते ही इस प्रस्ताव पर अंतिम मोहर लग जाएगी। लेकिन फिर भी आज तक कुछ नहीं हो सका।
-जब राजनीतिक गलियारों की परिस्थितियां बदली और मुख्यमंत्री ने शहर विधायक महेश चंद्र गुप्ता को नगर विकास राज्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंप दी, तो लोगों के जेहन में एक नई तंरग दौड़ने लगी कि अब तो हर हाल में शहर में सीवर लाइन जैसी महत्वपूर्ण योजना धरातल पर नजर आए। मगर उनका यह सपना आज सपना ही है। महेश चंद्र गुप्ता को राज्यमंत्री बने हुए लगभग चार माह हो गए हैं, लेकिन सीवर लाइन फिर भी फाइलों से ऊपर नहीं आ सकी हैं।
हां, सीवर लाइन की शहरवासियों को जरूरत है। इसको देखते हुए उस वक्त शासन से मांग की थी। हमारे स्तर से इसको लेकर प्रयास किए गए हैं। जल्द पूरा कराया जाएगा। लोगों को किसी भी परेशान की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसको लेकर शासन में बात करते हैं।
-महेश चंद्र गुप्ता, नगर विकास राज्यमंत्री
शहर में सीवर लाइन डाली जाएगी। हमारे तरफ से शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। वहीं जमीन की तलाश की जा रही है। जो नगर पालिका की सीमा या आसपास हो तथा जहां पर प्लांट बनाया जा सके, क्योंकि प्लांट में ही इसका निस्तारण होगा।
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- दीपमाला गोयल, पालिकाध्यक्ष
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