उझानी (बदायूं)। गोवंशीय केस से जुड़े एक मामले में सत्यापन के लिए एक युवक को हिरासत में लिए जाने के बाद मोहल्ले के लोगों का पुलिस के खिलाफ गुस्सा सड़क पर आ गया। गुस्साए लोगों की भीड़ नारेबाजी करते हुए कोतवाली गेट पर एकत्र हो गई और जमकर हंगामा किया। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को डंडे फटकारने पड़े। पुलिस ने नौ लोगों को दबोच लिया। उनके घरों पर भी देर रात तक दबिश दी गई। कई लोग अपने घरों में ताला डालकर खिसक गए।
कोतवाली के घेराव और हंगामे का मामला बुधवार रात करीब 12 बजे का है। रात में पुलिस ने नझियाई मोहल्ला निवासी जाकिर पुत्र नन्हे को गोवंशीय पशुओं से जुड़े मामले में यह कहकर घर से हिरासत में ले लिया कि पूछताछ के बाद छोड़ दिया जाएगा। करीब आधा घंटे बाद इसकी भनक मोहल्ले के लोगों समेत उसके परिचितों को लगी तो सभी इकट्ठे होकर नारेबाजी करते हुए कोतवाली गेट पर पहुंच गए और हंगामा किया। कुछ पुलिस कर्मियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया तो नौबत गाली गलौज तक आ गई। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार चाहर और भीड़ में शामिल लोगों के बीच नोकझोंक हो गई। हालात बिगड़ते देख प्रभारी निरीक्षक ने अतिरिक्त पुलिस फोर्स मौके पर बुला लिया।
बाद में पुलिस फोर्स ने भीड़ पर डंडे फटकारने शुरू कर दिए। भीड़ में शामिल अधिकतर लोग भाग गए, लेकिन नौ लोगों को दबोच लिया गया। पकड़े गए लोगों में मोहल्ला अयोध्यागंज निवासी मुशर्रफ, नजमुल, भूरे, परवेज, पठानटोला मोहल्ले के रिजवान, फरमान, नझियाई निवासी अनस, मुस्तकीम और जाकिर हैं। जाकिर के परिजनों की मानें तो पुलिस ने आधी रात में कार्रवाई महज परेशान करने की नीयत से की। वे हकीकत जानने कोतवाली पहुंचे तो उनके साथ अभद्रता की गई। बाद में पुलिस फोर्स संबंधित लोगों के घरों पर पहुंचा तो भी अफरातफरी का माहौल बन गया। दबिश के दौरान पुलिस को कई लोग घरों पर नहीं मिले। उनके घरों के बाहर ताले लटके थे।
उझानी। नझियाई मोहल्ले के जाकिर को हिरासत में लिए जाने को लेकर पुलिस नेेे कोई खास सोच-विचार नहीं किया। दरोगा समेत तीन पुलिस कर्मी उसे आसानी से कोतवाली तक ले आए। जो पुलिस कर्मी उसे लेकर कोतवाली पहुंचे, वे बाद में गश्त पर भी निकल गए, लेकिन माहौल को भांपने में थोड़ी चूक हो गई। जाकिर के परिजनों की मानें तो किसी भी पुलिस कर्मी ने उन्हें यह नहीं बताया कि सत्यापन के लिए हिरासत में लिया गया है। अगर ऐसा होता तो शायद ही मोहल्ले के लोगों का गुस्सा फूटता।
जाकिर के बारे में पूछने के लिए जो लोग कोतवाली तक आए, उन्हें समझाया गया था कि धारा-144 लगी हुई है लेकिन भीड़ में शामिल लोगों ने बेवजह हंगामा और नारेबाजी की। माहौल खराब नहीं हो, इसीलिए जाकिर समेत 10 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
-विनोद कुमार चाहर, प्रभारी निरीक्षक।