बदायूं। जिला अस्पताल में रूटीन वैक्सीन लगने के बाद चार माह के बच्चे की मौत हो गई। आरोप है कि वैक्सीन लगने के कुछ समय बाद उसे बुखार आया। परिजन बच्चे को जिला महिला अस्पताल ले गए। वहां पर एनआईसीयू में भर्ती करने से मना कर दिया गया। बच्चे को मेडिकल कॉलेज ले जाने को कहा गया। मेडिकल कॉलेज ले जाने के दौरान बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया।
उझानी के कुलुआठेर निवासी कुंवरपाल अपने चार माह के बेटे हर्षवर्धन को रुटीन वैक्सीन लगवाने के लिए जिला अस्पताल लेकर आए थे। वहां पर तैनात एएनएम ने बच्चे को करीब 11 बजे ओपीवी-1, पेंटा-1 आरवीवी-1, पीसीवी-1 और एफआईपीवी-1 वैक्सीन दी। इसके बाद परिजन बच्चे को घर ले गए।
करीब एक घंटे के बाद वह वापस जिला अस्पताल में एएनएम के पास पहुंचे। उन्होंने बताया कि बच्चे को बुखार आ रहा है। आरोप है कि उन्होंने वहां पर देखने के बाद वैक्सीन लगने पर रूटीन बुखार बताते हुए बच्चे को स्वस्थ कहते हुए घर ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन उसे घर ले जाने के स्थान पर महिला अस्पताल ले गए। वहां पहुंंचने पर बच्चे की हालत और बिगड़ने लगी।
इस पर उन्होंने एसएनसीयू में भर्ती करने की बात कहीं। वहां पर तैनात स्टाफ ने भर्ती न करके राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी। परिजन वहां से मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे, इसी दौरान बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद परिजन बच्चे का शव लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और हंगामा किया।
पिता कुंवरपाल का कहना है कि चार माह के बच्चे को एक साथ पांच वैक्सीन लगाई गई हैं। आरोप है कि अस्पताल में तैनात एएनएम ने सही से वैक्सीन नहीं लगाई। इससे बच्चे की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई।
बच्चे का इलाज चल रहा था। बच्चे की मां भी एएनएम है। उनसे बात हुई थी। इसके बाद वैक्सीन लगाई गई। साथ ही बुखार की दवा भी दी गई थी। बताया था कि अगर बुखार आए तो तुरंत दवा दे दें। काफी समय बाद परिजन पुन: लौटे और बच्चे को बुखार आने की बात बताई। बुखार की दवा के बारे में पूछा तो कहा- अभी नहीं दी है। ऐसे में उसको दवा देने को कहा। इसके बाद वह वहां से चले गए। - सुमन, एएनएम, जिला अस्पताल
बच्चे की मौत कैसे हुई है। इसकी जांच कराई जाएगी। उसके बाद ही कुछ कहां जा सकता है। -सतीश चंद्र नागर, सीएमएस जिला अस्पताल