जिले में जल्द ही स्कूली बच्चे पर्यावरण को बचाने की जानकारी एकत्र करते
हुए नजर आएंगे। नेशनल ग्रीन कोर के अंतर्गत सेट्रल फॉर इन्वायरमेंटल
एजूकेशन के तत्वावधान में करीब डेढ़ सौ से दो सौ माध्यमिक और परिषदीय
स्कूलों को चिह्नित कर ईको फ्रेंडली क्लब खोले जाने की कवायद शुरू हो चुकी
है। प्रत्येक विद्यालय में 30 से 40 के समूह में बच्चे रियूज, रिड्यूज,
रिसाइकिलिंग के प्वाइंट पर फोकस करते हुए पर्यावरण बचाने की जानकारी लेते
हुए इसमें सहायक बनेंगे।
पर्यावरण संबंधी कार्यक्रम को गति प्रदान करने
के लिए डीआईओएस को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके तहत माध्यमिक और
परिषदीय स्कूलों में 30 से 40 बच्चों का समूह तैयार किया जाएगा जिसे ईको
फ्रेंडली क्लब का नाम दिया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक स्कूल को गतिविधियां
जारी रखने के लिए ढाई हजार की धनराशि भी दी जाएगी।
स्कूल में एक
प्रभारी होगा जो गतिविधियों को संचालित कराएगा। इसे चलाने के लिए प्रशिक्षण
भी दिया जाएगा। जिसके लिए मास्टर ट्रेनर की जिम्मेदारी गोठा परिषदीय स्कूल
के शिक्षक डॉ. मनोज कुमार वार्ष्णेय तथा नन्नूमल जैन इंटर कॉलेज के सचिन
उपाध्याय पर सौंपी गई है।
ईको फ्रेंडली क्लब में यह होगा विशेष
ईको
फ्रेंडली क्लब में तीन बिंदु प्रमुख होंगे। मास्टर ट्रेनर डॉ. मनोज कुमार
वार्ष्णेय ने बताया कि इसमें रियूज, रिड्यूज, रिसाइकिल पर ज्यादा जोर होगा।
इसके तहत एक चीज को बार-बार कैसे यूज किया जाए, कैसे बचाया जाए और बेकार
चीजों को कैसे इस्तेमाल किया जाए। इसके अलावा पृथ्वी दिवस और पौधरोपण जैसे
अनेक कार्यक्रम भी होंगे।
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प्रोग्राम के निर्देश आ चुके
हैं। जिले में स्कूलों को चिह्ति कर सूची आ चुकी है। कार्य चल रहा है। जल्द
ही बच्चे पर्यावरण बचाने का पाठ पढ़ते नजर आएंगे। सभी को निर्देश जारी किए
जा चुके हैं।
- बीना यादव, डीआईओएस