- बेसिक शिक्षा विभाग के ध्यान न देने से बच्चों पर मंडरा रहा खतरा
नगर का प्राथमिक विद्यालय अंग्रेजों के जमाने में बनाए गए भवन में संचालित हो रहा है, जबकि भवन जर्जर हो चुका है, जिससे छात्र-छात्राओं की जिंदगी पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है। ऐसी बारिश में भवन के गिरने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है, लेकिन विभागीय अधिकारी इस ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहे हैं।
छह से 14 वर्ष तक के बच्चों को बेहतर शिक्षा देने की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग की है, लेकिन नगर के मोहल्ला संख्या छह में स्थित प्राथमिक विद्यालय मौजूदा स्थिति को देखकर ऐसा कतई नहीं लगता है। यहां अंग्रेजी हुकूमत के समय में बने एक जर्जर भवन में करीब सौ बच्चों को प्राथमिक शिक्षा दी जा रही है। स्कूल का भवन इतना जर्जर है कि कभी भी धराशायी हो सकता है। स्कूल भवन के निर्माण को लेकर स्टॉफ के अलावा नगर के लोगों ने तमाम बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराया है। मगर किसी ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।
स्कूल की जर्जर दशा को देखकर इसमें लगातार बच्चों की संख्या घटती जा रही है। कोई अभिभावक अपने बच्चे को खतरे के साये में नहीं पढ़ाना चाहता है। इस स्कूल में एक शिक्षक और शिक्षामित्र तैनात है। नगर के सुधीर सोमानी, संतोष माहेश्वरी, मुनीश्वर राठी, फैजान राइन, शाहिद हुसैन सिद्दीकी, मृगांक जैन उर्फ टीटू, चेतन तोष्नीवाल, दिनेश चंद्र हनी, ओमप्रकाश श्रीवास्तव आदि ने डीएम से शीघ्र इस जर्जर स्कूल भवन के निर्माण कराएं जाने की मांग की है। ताकि गरीब बच्चों को शिक्षा मिल सके। इधर शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उक्त भवन निर्माण को लेकर कई बार उच्चाधिकारियों को लिखा गया है।