बदायूं। जिले के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय में अध्ययनरत तीन लाख बच्चे अब प्रतिदिन प्रार्थना के बाद पांच से सात मिनट तक ध्यान करेंगे। इससे बच्चों में तनाव कम होगा। साथ ही स्मरण शक्ति बढ़ेगी और उन्हें चिंता से मुक्ति भी मिलेगी।
विद्यालय में प्रार्थना के लिए 15 मिनट का समय निर्धारित है। इसके बाद राष्ट्रगान कराया जाएगा। फिर बच्चों को ध्यान लगाने के लिए बैठाया जाएगा। जिले में 2155 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें कंपोजिट, प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय शामिल हैं। यहां पर करीब तीन लाख बच्चों का नामांकन हैं। अब इन विद्यालयों में होने वाली प्रार्थना को प्रतिदिन बदलकर कराया जाएगा। एक ही प्रार्थना अब रोज नहीं होगी। बीएसए वीरेंद्र कुमार ने बताया प्रार्थना सभा और मेडिटेशन का कार्यक्रम विद्यालय में प्रतिदिन निश्चित समय पर कराना होगा। इसमें अगर शिथिलता बरती जाती है तो इसके लिए प्रधानाध्यापक और सभी शिक्षक पूर्ण रूप से उत्तरदायी होंगे। इसके लिए प्रधानाध्यापक को और शिक्षकों को निर्देश दे दिए गए हैं। वह अपने दायित्व की निर्वाहन करें। कहा कि इस कार्य के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देशित किया गया है।